शाहजहांपुर। रोजा थाना क्षेत्र के अटसलिया गांव निवासी अशोक तिवारी के पुत्र ब्रह्मानंद उर्फ अंशुल (13) ने शुक्रवार शाम घर की दूसरी मंजिल पर रस्सी के फंदे से लटककर जान दे दी। वह आलीज्ञान दीप स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि कक्षा में फेल होने और शिक्षक के पीटने से आहत होकर ब्रह्मानंद ने जान दे दी। पुलिस को उसकी जेब से सुसाइड नोट मिला है।
अशोक के छोटा बेटे ब्रह्मानंद का शुक्रवार को परीक्षा परिणाम आया था। रिपोर्ट कार्ड में गणित, अंग्रेजी समेत चार विषयों में अंक अच्छे नहीं थे। स्कूल से आने के बाद ब्रह्मानंद काफी परेशान था। शाम पांच बजे उसने चाय पी और मकान की दूसरी मंजिल पर चला गया। यहां उसने कमरा बंद कर रस्सी के फंदे से लटककर जान दे दी। तीन घंटे के बाद रात करीब आठ बजे मां किरन तिवारी छत पर गईं तो उन्हें दरवाजे से बेटे की पैंट दिखाई दी।
उन्होंने दरवाजा खोला तो बेटे को लटका देखकर चीख पड़ीं। परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को घर ले आए। पूरी रात परिवार के लोग बिलखते रहे। सुबह आठ बजे परिजनों ने रोजा थाने पर सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर कपड़ों की तलाशी ली। उसकी पैंट की जेब में सुसाइड नोट मिला है।
पर्चे पर टूटी-फूटी भाषा में लिखा सुसाइड नोट
परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। उन्होंने 12 घंटे के बाद पुलिस को सूचना दी। सुसाइड नोट कागज के छोटे से पर्चे पर चार लाइनों में टूटी-फूटी भाषा में लिखा था, जिसमें परीक्षा के बारे में कुछ लिखा है। इसकी भाषा समझ में नहीं आ रही है। सीओ सदर का कहना था कि परिजनों के स्कूल भेजने से नाराज होकर अंशुल ने जान दी है।
स्कूल के खिलाफ परिजनों में आक्रोश
परिजनों में सबसे अधिक नाराजगी स्कूल के खिलाफ हैं। बाबा श्याम सरोज तिवारी ने बताया कि पौत्र पर ट्यूशन पढ़ने के लिए दबाव डाला जा रहा था। उससे पांच हजार रुपये भी मांगे थे। इन्कार करने पर मारपीट की गई थी। इसीसे नाराज होकर उसने जान दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल वालों को रुपयों की इतनी भूख थी तो हमसे कह देते। बच्चे की जान तो बच जाती। मां किरन तिवारी व भाई अखिलेश का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पिता को स्कूल में बुलाकर की थी वार्ता
ब्रह्मानंद के फेल होने के बाद स्कूल में उसके पिता अशोक को बुलाया गया था। वहां बातचीत की गई थी। स्कूल की ओर से नंबर कम होने की जानकारी दी थी। 15 अप्रैल को दोबारा से परीक्षा देने की बात भी तय हो गई थी। बच्चे की मृत्यु का बेहद दुख है, मगर स्कूल ने किसी प्रकार से उत्पीड़न नही किया है। -दौलतराम, प्रधानाचार्य, आलीज्ञान स्कूल
पिता ने ब्रह्मानंद को डांट दिया था। इसी के चलते उसने जान दी है। सुसाइड नोट भी मिला है। तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -अमित चौरसिया, सीओ सदर