शाहजहांपुर। नगर निगम बोर्ड की बैठक में स्ट्रीट लाइट्स के खराब होने से शहर के अंधेरे में डूबने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। पार्षदों ने कंपनी की सर्विस पर सवाल उठाए। उसे हटाए जाने की मांग रखी।
सेफ सिटी के तहत शहरी क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर लगे सीसीटीवी को एकीकृत किए जाने में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को विकास भवन सभागार में महापौर अर्चना वर्मा की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की बैठक शुरू हुई। इसमें बैठक का एजेंडा रखा गया। विचार विमर्श के बाद उनको पास कराने के लिए सभी की सहमति मांगी गई। पार्षदों से उनके वार्ड से जुड़ी समस्याओं को रखने के लिए कहा गया।
दलेलगंज के पार्षद अनूप गुप्ता, बाबूजई पार्षद विपिन यादव व अन्य ने शहर में लगी ई-स्मार्ट कंपनी की स्ट्रीट लाइट के खराब होने तथा उनकी मरम्मत कराने में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया। मांग की गई कि कंपनी को हटाकर दूसरे को मौका दिया जाए। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि ई-स्मार्ट कंपनी की स्ट्रीट लाइट से संबंधित सामान बाजार में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, इस वजह से समस्या आ रही है। बताया कि कंपनी की ओर से शहर में 8500 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। पिछले सात सालों से कंपनी कार्य देख रही है।
पार्षदों के विरोध को देखते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जांच कराने के लिए कमेटी का गठन कर रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपने के निर्देश दे दिए। फिर पार्षदों ने सेफ सिटी के तहत शहरी क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर लगे सीसीटीवी को एकीकृत किए जाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगा दिया। जानकारी दी गई कि 551 सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत किया जा चुका है। 216 बाकी रह गए हैं। पार्षदों ने कहा, सीसीटीवी कहां लगे हैं, इसकी जानकारी तक नहीं हैं। वित्त मंत्री ने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए पार्षदों को सभी कार्यों से अवगत कराने के निर्देश दिए। साथ ही कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट सौंपने को 15 दिन का समय दिया।
ड्रा के माध्यम से नगर निगम कार्यकारिणी से छह पार्षद निकाले, नए जुड़े
-बोर्ड बैठक में पहला एजेंडा नगर निगम कार्यकारिणी के निर्वाचन का रहा। कार्यकारिणी में पहले से शामिल छह पार्षदों को निकालने व उनकी जगह दूसरे को सम्मिलित करने की कार्यवाही ड्रा के माध्यम से की गई। सदन के सामने ही महिला पार्षद ने छह पर्चियों को निकाला, जिसमें अंकित पार्षदों में शिवओम सक्सेना, राकेश कुमार, वेदप्रकाश मौर्य, विजय वर्मा, जीशान, सोनी मिश्रा को कार्यकारिणी से अलग कर दिया गया। इसके बाद पार्षद सीमा सारस्वत, मोहसिन, सिद्धार्थ शुक्ला, विपिन यादव, रूपेश कुमार के नाम की पर्ची निकालकर उनको शामिल करने की घोषणा की गई। पूर्व में गठित कार्यकारिणी में शामिल बोर्ड के उपाध्यक्ष वेदप्रकाश मौर्य का कार्यकाल एक साल बढ़ाया गया।
-
मतभेद व शिकायतों के बीच सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास
- बोर्ड बैठक में दूसरा प्रस्ताव नगर निगम कार्ययोजना वित्तीय वर्ष-2024-25 के अनुमोदन, तीसरा प्रस्ताव शासन के निर्देशों के क्रम में उपवन योजना का प्रस्ताव भेजे जाने, चौथा प्रस्ताव कलक्ट्रेट तथा शहीद उद्यान के पास स्थित अत्याधुनिक शौचालयों के संचालन व रिक्त दुकानों के प्रीमियम संशोधन, पांचवां प्रस्ताव अहमद न्याजपुर में इंडियन ऑयल कारर्पोरेशन लिमिटेड को बहुउद्देशीय हॉल व सामुदायिक सेंटर के निर्माण की अनुमति-अनापत्ति जारी करने, छठा प्रस्ताव नगर निगम में कार्यरत प्रवर्तन दल की समय वृद्धि का रखा गया। सातवां प्रस्ताव महापौर की अनुमति से रखा गया। सभी प्रस्तावों पर कुछ मतभेद व शिकायतों के बीच सर्वसम्मति से मोहर लगा दी गई।
-
वार्डों में कार्य न होने का लगाया आरोप
- पार्षदों ने वर्ष में छह की जगह तीन बार ही बोर्ड बैठक होने, स्वच्छ भारत मिशन के तहत खिलौली में लग रहे प्लांट के चालू नहीं हो पाने, प्लांट तक जाने वाली सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाने, सफाई व्यवस्था चौपट होने के मुद्दे उठाए। इसके अलावा सीवर लाइन बिछाने के लिए शहर की सड़कों को खोदकर छोड़ने, प्रवर्तन दल द्वारा कार्य न किए जाने, विकास कार्यों का लोकार्पण के बाद भी पत्थर नहीं लगने, ट्रांसफार्मर खुले होने से जानवरों के चपेट में आने, बिजली के खंभे व तारों के जर्जर होने, पानी की पाइप लाइटें क्षतिग्रस्त हो जाने, सोलर हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी होने आदि से अवगत कराया। निगम के अधिकारियों की लापरवाही से वार्डों में विकास कार्य न होने का आरोप लगाया गया।
सीवर के चैंबर में उपयोग हो रही थी पीला ईंट, लगेगा जुर्माना
वार्ड बृज विहार के पार्षद रामबरन सिंह ने बोर्ड बैठक के दौरान वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना व महापौर अर्चना वर्मा को सीवर का चैंबर बनाने में उपयोग होने वाली पीला ईंट दिखाते हुए शिकायत दर्ज कराई। बताया कि टीसीपीएल कंपनी द्वारा पीला ईंट लगाई जा रहीं। इस पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कंपनी पर जुर्माना लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र को दिए। पार्षद के मुताबिक संस्था पर पहले ही पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। पांच करोड़ रुपये का और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्षद ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने की मांग रखी, इस पर भी सहमति दी गई।
दाखिल खारिज के एकमुश्त रकम लिए जाने की मांग
वार्ड दलेलगंज पार्षद अनूप गुप्ता ने नगर निगम कार्यालय में दाखिल-खारिज कराने पर 10 से 50 हजार रुपये तक वसूले जाने की बात कहते हुए, इसको न्यूनतम एक तथा अधिकतम पांच हजार करने की मांग रखी। कहा कि एकमुश्त राशि होने से आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी दाखिल-खारिज कराने के लिए परेशान नहीं होगा। इस पर सहमति बनी है। बोले कि सोलर लाइटें खराब पड़ी हैं, ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड किया जाए।
-
छह लाख की जगह 12 लाख से विकास कार्य की स्वीकृति दी जाए
- ख्वाजा फिरोज के पार्षद धीरेंद्र ने कहा कि वार्ड में काम नहीं हो रहे। वह दो हजार का काम भी नहीं करवा पाए हैं जिसकी वजह से वार्डवासियों से मुंह छिपाना पड़ता है। अधिकारी नहीं सुन रहे। तब नगर आयुक्त ने हर वार्ड में छह लाख रुपये के कार्य की स्वीकृति दिए जाने की बात कहीं। इस पर पार्षदों ने छह लाख की जगह 12 लाख स्वीकृत करने की मांग रखी।
-
नाले को कवर करने के काम में भ्रष्टाचार का आरोप
- जलालनगर के पार्षद तारिक ने बताया कि हयात खां की पुलिया से महिला थाना तक नाला कवरिंग कार्य सालों पहले शुरू हुआ था। यह अभी तक पूरा नहीं हो पाया। कई जगह नाला खुला है, शटरिंग लगी हुई है, सरिया निकली है। इसकी वजह से हादसे हो रहे हैं। ई-रिक्शे व छोटे वाहन तक नहीं निकल पाते। समस्या का समाधान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नाला कवरिंग के कार्य में भ्रष्टाचार किया गया है। इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
प्रवर्तन दल को हटाने की उठी मांग, लेकिन बढ़ी समयावधि
-बोर्ड बैठक के प्रस्ताव में प्रवर्तन दल की समयावधि बढ़ाने पर चर्चा हुई, तो अजीजगंज वार्ड के पार्षद मनीष गुप्ता ने इसका पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन दल द्वारा उनके क्षेत्र में स्थित तालाबों, गर्रा पुल व अन्य स्थानों पर अतिक्रमण नहीं हटवाया जा रहा। कई बार उन्होंने इसको लेकर शिकायत दर्ज कराई। उनके साथ ही अन्य पार्षद ने शहर में अतिक्रमण की वजह से जाम आदि की समस्या बनी रहने और मनमानी किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही समयावधि को बढ़ाने का विरोध किया। इस पर वित्त मंत्री द्वारा पुलिस बल न मिलने पर प्रवर्तन दल की उपयोगिता बताई। तब पार्षदों ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को हटाकर नए लोगों को लाने व ड्रेस कोड लागू कराने की बात रखी। इस पर सहमति के साथ समयावधि बढ़ाई गई।
सांस्कृतिक मंच पर कार्यक्रम के लिए देना होगा शुल्क
- जीआईसी खेल मैदान पर बने सांस्कृतिक मंच पर बिना किसी अनुमति के कार्यक्रम का आयोजन करने तथा उसको नुकसान पहुंचाने का मामला भी बोर्ड की बैठक में उठा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि खेल मैदान जीआईसी का है, वहां पर सांस्कृतिक मंच सिर्फ रामलीला मंचन के लिए उनके प्रयासों से बनाया गया है। उसका बिना अनुमति के उपयोग नहीं होगा। साथ ही सांस्कृतिक मंच का उपयोग करने वालों से एक दिन का पांच हजार, उसके बाद तीन हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क लेने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए। इससे सांस्कृतिक मंच तथा उसके कमरों की मरम्मत व देखरेख हो सकेगी।
सीवर लाइन के कार्य की अवधि बढ़ने व गड्ढों को न भरे जाने से नाराजगी
- शहर में सीवर लाइन कार्य की समयावधि लगातार बढ़ने और सड़कों के गड्ढों को अब तक नहीं भरे जाने पर पार्षदों ने नाराजगी जताई। बताया गया कि वीवीआई और टीसीपीसी के द्वारा सीवर लाइन का कार्य करवाया जा रहा है। 15 प्रतिशत कार्य शेष रहने की बात कार्यदायी संस्था के अधिकारी कर रहे हैं। मांग की गई कि कार्य को शीघ्र पूरा कराकर सड़कों की मरम्मत कराई जाए।
नगर निगम बोर्ड की बैठक में पीला ईंट दिखाते बृज विहार के पार्षद रामबरन सिंह। संवाद