शाहजहांपुर। शहर से सटे काजीपुर गांव में युवाओं का समूह शिक्षा की अलख जगा रहा है। गांव में शिक्षा की बुनियाद मजबूत करने के लिए युवाओं ने बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग शुरू की है। वे बच्चों को पढ़ाने के साथ ही स्टेशनरी भी निशुल्क मुहैया कराते हैं। उनका प्रयास इतना रंग लाया है कि 60 बच्चे उनकी कक्षाओं में रोज पढ़ने आते हैं।
काजीपुर की आबादी करीब 4500 है। मुस्लिम बहुल आबादी वाले गांव में 10 प्रतिशत हिंदू रहते हैं। ग्रामीणों में आपसी सद्भाव कायम है। ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय यह था कि गांव में प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के बावजूद उनके बच्चों की शिक्षा का स्तर बेहतर नहीं था। ऐसे समय में गांव के दो उत्साही छात्र मोहम्मद उस्मान और अरबाज हुसैन ग्रामीणों की सेवा करने के लिए प्लेटफार्म तैयार करने का मन बनाया। गांव के 18 अन्य युवाओं को एकत्र कर काजीपुर सिटिजन ग्रुप तैयार किया। सेवा भाव का कार्य 2021 में रमजान से शुरू किया। युवाओं ने सबसे पहले शिक्षा की बुनियाद को मजबूत करने का काम शुरू किया।
ग्रुप के एडमिन उस्मान के घर में टिनशेड के नीचे बच्चों को फ्री कोचिंग देने का मन बनाया। शुरुआती दिनों में बहुत दिक्कत आई। बच्चे स्कूल तो जाते थे पर उनकी कोचिंग में आने को तैयार न हुए। उस्मान और अरबाज ने गांव की मस्जिद के इमाम से संपर्क साधा। उनसे मस्जिद में तकरीर के दौरान इल्म की रोशनी के लिए लोगों को जागरूक करने की गुजारिश की। उसके बाद गांव में घर-घर जाकर बच्चों के नाम लिखकर उनके अभिभावकों से कोचिंग में भेजने को राजी कर लिया। धीरे-धीरे उनके पास बच्चों की भीड़ जुटने लगी। अब उनके पास 60 बच्चे आ रहे हैं जिन्हें वह अलग-अलग बैच में पढ़ाते हैं।
स्टेशनरी देने के लिए खुद जुटाते हैं राशि
एनसी, केजी तक की नि:शुल्क कोचिंग चलाने वाला काजीपुर सिटिजन ग्रुप बच्चों को अपने पास से कॉपी, पेेंसिल, रबर और अन्य स्टेशनरी भी उपलब्ध कराता है। उसके लिए आपस में धनराशि जुटाकर बच्चों की पढ़ाई पर खर्च की जाती है।
गांव में रोपे 500 पौधे
कोरोना काल में जरूरतमंदों तक खाद्यान्न सामग्री पहुंचाने वाले ग्रुप के सदस्य पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में भी सहयोगी बने हैं। अभी तक गांव में करीब 500 पौधों को रोपकर उनकी देखभाल भी ग्रुप कर रहा है। पौधे रोपने की मुहिम लगातार चल रही है।
गांव में शिक्षा का स्तर काफी निचला था। इसलिए नि:शुल्क कोचिंग चलाने के लिए प्लान तैयार किया था। शुरुआती दिनों में दिक्कत आई थी, उसके बाद उनकी मुहिम रंग लाने लगी। अब अभिभावक भी अपने बच्चों की शिक्षा के लिए जागरूक हुए हैं। -अरबाज हुसैन, एडमिन-काजीपुर सिटिजन ग्रुप
सोशल मीडिया पर ग्रुप काफी सक्रिय रहता है। हमने खुद बीएड किया है। गांव के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें, बस यही प्रयास है। अभी तक गांव स्तर पर काम किया है, जल्द ही जिला स्तर पर सोशल कार्य को शुरू करने की तैयारी है। -मोहम्मद उस्मान खान, एडमिन, काजीपुर सिटिजन ग्रुप