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चिन्मयानंद को हाईकोर्ट से मिली राहत

सार

उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर उच्च न्यायालय ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री एवं मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता चिन्मयानंद पर उनकी शिष्या ने 2011 में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि इस कार्रवाई के खिलाफ स्वामी चिन्मयानंद ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील की थी। अधिवक्ता ने बताया कि उनके प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने शाहजहांपुर एसीजेएम (तृतीय) एमपी-एमएलए कोर्ट को निर्देश दिए हैं कि निर्णय आने तक गैर जमानती वारंट की प्रक्रिया को शिथिल रखा जाए।
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स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। शिष्या से दुष्कर्म मामले में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को हाईकोर्ट ने राहत दी है। उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर उच्च न्यायालय ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।
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पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री एवं मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता चिन्मयानंद पर उनकी शिष्या ने 2011 में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। पीड़िता के आपत्ति जताने पर अदालत ने पत्र खारिज कर दिया था। साथ ही जमानती वारंट भी जारी कर दिया था। एमपीएमएल कोर्ट/एसीजेएम तृतीय ने अदालत में हाजिर न होने पर चिन्मयानंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि इस कार्रवाई के खिलाफ स्वामी चिन्मयानंद ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील की थी। इस मामले में उच्च न्यायालय में निर्णय सुरक्षित है। अधिवक्ता ने बताया कि उनके प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने शाहजहांपुर एसीजेएम (तृतीय) एमपी-एमएलए कोर्ट को निर्देश दिए हैं कि निर्णय आने तक गैर जमानती वारंट की प्रक्रिया को शिथिल रखा जाए।
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