एडीजे तृतीय के न्यालालय में पेश होने जाते स्वामी चिन्मयानंद
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शाहजहांपुर में शिष्या से दुष्कर्म के 12 साल पुराने मामले में बुधवार को पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद एमपी-एमएलए/तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश अहसान हुसैन की कोर्ट में हाजिर हुए। उनके विरुद्ध आरोप तय किए गए। इस मामले में अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी।
वर्ष 2011 में आश्रम की शिष्या ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट में पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। उच्च न्यायालय इलाहाबाद से चिन्मयानंद की अग्रिम जमानत मंजूर हो गई थी। चिन्मयानंद 13 फरवरी को अदालत में हाजिर हुए। तब न्यायालय ने उनकी पत्रावली को एकत्र करने के बाद एमपीएमएलए कोर्ट में अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजने के आदेश दिए थे।
स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि मुकदमे के विचारण के लिए पत्रावली कार्यवाही के लिए अब एमपीएमएल कोर्ट में आ गई है। इसी वजह से स्वामी चिन्मयानंद बुधवार को कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में आरोप तय करने की कार्यवाही हुई। इसके बाद साक्ष्य आदि की कार्यवाही शुरू होगी। अदालत ने 29 मार्च की अगली तारीख तय की है।