जलालाबाद। क्षेत्र के गांव दिबियापुर से बृहस्पतिवार सुबह दो बहनें अपने एक भाई के साथ लापता हो गईं। घरवालों ने तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। मामले की तहरीर मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी के जरिये बच्चों के अपनी मां के साथ जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
दिबियापुर गांव के रिंकू यादव की करीब चार साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। रिंकू के घर मे पत्नी चमेली के अलावा एक बेटा व चार बेटियां हैं। घरवालों से अनबन हो जाने पर करीब आठ माह पहले चमेली बिहार के गया स्थित मायके चली गई। सभी बच्चे बाबा-दादी के पास रह रहे थे। बच्चों के चाचा निर्भान सिंह ने बताया कि वह दूसरे मकान में रहते हैं। बृहस्पतिवार सुबह भतीजी 12 वर्षीय सुनाली, उससे छोटी जूली अपने भाई पवन सहित बिना किसी को बताएं कहीं चले गए। काफी देर तक उन तीनों के दिखाई न देने पर बाबा-दादी की चिंता हुई और उन्हें तलाशना शुरू किया। पता न लगने पर शुक्रवार को पुलिस को तहरीर दी गई। तीन बच्चों के गायब होने की जानकारी होने पर पुलिस में खलबली मच गई।
थाना प्रभारी हरिपाल बालियान ने बताया कि गांव जाने वाले खंडहर रोड पर लगे सीसीटीवी खंगालने पर तीनों बच्चे नगर के बस अड्डे की तरफ आने के बाद एक महिला के साथ देखे गए। पहचान कराने पर वह महिला उनकी मां चमेली निकली। इसके बाद पुलिस ने चमेली के मोबाइल पर बात की। इसमें उसने बच्चे ले जाने की बात स्वीकार की। बेटी सुनाली ने कुछ दिन पहले किसी तरह अपनी मां से फोन पर संपर्क किया था। इसके बाद उसकी मां ने कहा कि वह जलालाबाद बस अड्डे आ जाए। वह उन्हें वहीं मिल जाएगी। बृहस्पतिवार सुबह सोनाली ने अपनी छोटी बहन और भाई को साथ लिया और बस अड्डे आ गई। इसके बाद वे तीनों अपनी मां के साथ ननिहाल चले गए।