शाहजहांपुर। नगरीय क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में लगे ट्रांसफार्मर पर उनकी क्षमता से अधिक लोड है। इस कारण आए दिन बिजली संकट से उपभोक्ता जूझ रहे हैं। 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की राह में बाधक बने इन 250 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। ठेकेदारों को जनवरी अंत तक काम पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
शहरी इलाके में नौ विद्युत उपकेंद्रों से करीब 86 हजार उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। लगातार बढ़ रहे कनेक्शनों के चलते ट्रांसफार्मरों पर पड़ने वाला लोड 80 प्रतिशत के सापेक्ष 86 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 100, 200 केवी के ट्रांसफार्मरों पर अधिक लोड पड़ने से आए दिन फ्यूज जलने या ट्रांसफार्मर में आग लगने की समस्याएं सामने आती हैं और घंटों तक बिजली गुल रहती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए विद्युत निगम ने सिस्टम स्ट्रैंथनिंग एवं अतिरिक्त बिजनेस योजना का सहारा लिया है। अधिक लोड वाले ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए उन्हें चिह्नित किया गया। इनमें निगोही रोड उपकेंद्र पर 48, हथौड़ा में 42, बहादुरगंज में 37, गोविंदगंज में 36, अब्दुल्लागंज में 32, दीवान जोगराज में 18, रोजा में 36 और ककरा में 43 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। नोडल अधिकारी अंकित तिवारी ने बताया कि ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होने से उपभोक्ताओं को लोकल फाल्ट से निजात मिल जाएगी।
जरुरत पड़ने पर दो ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे
-क्षमतावृद्धि में 100 केवी के स्थान पर 250 केवी का ट्रांसफार्मर रखा जाएगा। वहीं, लोड वाले स्थानों पर दो ट्रांसफार्मर भी रखे जा सकते हैं। हालांकि, कुछ स्थान पर जमीन की दिक्कत बिजली निगम के सामने आ रही है। अभी तक 25 ट्रांसफार्मरों को बदलकर उपभोक्ताओं को राहत दी जा चुकी है। इसी माह में काम को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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ये आती है दिक्कत
-ओवरलोडिंग होने की वजह से आए दिन ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं।
-स्टोर से ट्रांसफार्मर दूसरा जारी होने या नया मिलने में अधिक समय लगता है।
-ट्रांसफार्मर में आग लगने से विभाग को लाखों का नुकसान होता था।
बिजनेस प्लान के तहत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की योजना है। सभी उपकेंद्रों में ओवरलोड से जूझ रहे ट्रांसफार्मरों को चिह्नित कर काम शुरू करा दिया गया है। जनवरी तक काम खत्म कर लिया जाएगा।
अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता, नगर