शाहजहांपुर। कांट थाने से इंस्पेक्टर को चार्ज से हटाकर काबिल दरोगा को थानेदार बनाया गया। इसके बावजूद सप्ताह भर बीत गया लेकिन किशोरी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका।
24 नवंबर की शाम को 13 वर्षीय किशोरी का शव गांव के निकट गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। किशोरी के गले में दुपट्टा कसा था और गांठें लगी थी। शुरुआत में पुलिस भी हत्या मान रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के हाथ में आने के बाद पूरा केस बदल गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के फंदे से लटकने से मौत होना आया। अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। नौ दिसंबर को एसपी एस आनंद ने इंस्पेक्टर धीरेंद्र चौहान को हटाकर दरोगा जयशंकर सिंह को थानेदार बना दिया। नए थानेदार की काबिलियत भी अभी तक कोई गुल नहीं खिला पाई है। किशोरी की मौत के बाद गहराए सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। किशोरी खुद फंदे पर कहां लटकी, उसका शव गन्ने के खेत में कौन लेकर आया। खेत के आसपास में पेड़ नहीं है। सीओ सिटी अमित चौरसिया ने बताया कि मामले की गंभीरता से विवेचना की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।