शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव में बसपा के प्रत्याशी डॉ.दोदराम वर्मा की करारी हार की जिम्मेदारी तय की गई है। पद पर रहते हुए पार्टी के लिए कार्य नहीं करने पर चार प्रमुख पदाधिकारियों को हटाकर नए लोगों का मनोनयन कर दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला प्रभारी को कार्यकारिणी सदस्य में रखा गया है।
सपा से टिकट मांगने वाले डॉ.दोदराम वर्मा को बसपा ने प्रत्याशी घोषित कर दिया था। संगठन के फैसले के बाद पार्टी का एक धड़ा खुश नहीं था। इसके चलते संगठन के कुछ नेता निष्क्रिय हो गए थे। बसपा प्रत्याशी बड़े अंतर से हार गए। चुनाव के बाद बसपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम भारती ने कुछ लोगों पर भितरघात करने व पदों पर रहते हुए प्रत्याशी के लिए कार्य नहीं करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट बनाकर राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर प्रमुख पदों के नेताओं में बदलाव कर दिया। जिलाध्यक्ष राधेश्याम भारती ने बताया कि जिला महासचिव परमजीत सिंह के स्थान पर जिला पंचायत सदस्य चंद्रकेतु मौर्या को जिम्मेदारी दी गई। इसी तरह जिला उपाध्यक्ष सरजील अहमद को हटाकर उनके स्थान पर गुड्डू वर्मा उर्फ हवलदार सिंह को मौका दिया। जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार को हटाते हुए मसरूर खां को दायित्व मिला। इसी तरह सुईद खां के स्थान पर विनोद कुमार दिवाकर को जिला सचिव बनाया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनकी रिपोर्ट के बाद संगठन में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रमुख पद दिए गए हैं।