शाहजहांपुर। बहादुरगंज में सीवर लाइन की खोदाई के दौरान जलापूर्ति की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पचराहा पर जलभराव के बाद कीचड़ हो गया। बाजार आने और जाने वालों को निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर बाद तक जल निगम के कर्मचारी फाल्ट ठीक करने में जुटे रहे।
पिछले दिनों ही बहादुरगंज पचराहा से जेल रोड की ओर से सीवर लाइन की खोदाई का काम शुरू हुआ है। रात और दिन में जेसीबी से सड़क की खोदाई की जा रही है। इस दौरान ताज हैंडलूम के सामने जलापूर्ति की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पानी का रिसाव होने से देखते ही देखते दुकानों के आगे जलभराव हो गया। सूचना पर जल निगम के अधिकारियों ने तुरंत ही कर्मचारियों को फाल्ट ठीक करने के निर्देश दिए। इसके बाद जलभराव वाले स्थान पर मोटर से पानी को खींचकर नाली में बहाया गया, फिर कर्मचारी लाइन को ठीक करने में जुटे रहे। दोपहर बाद तक यह काम जारी रहा। इधर, ई-रिक्शा व निजी वाहन सीवर लाइन की खोदाई के लिए किए गड्ढों में फंसते रहे, जिसे निकालने के लिए धक्का भी लगाना पड़ा। दुकानदारों व ग्राहकों का कहना था कि बाजार में सीवर लाइन के लिए खोदाई का काम रात के समय में ही किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को दिक्कत न हो।
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कुछ घरों में बाधित हुई जलापूर्ति
सीवर लाइन की खोदाई के दौरान जलापूर्ति की लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के कुछ घरों में जलापूर्ति भी बाधित हो गई, लेकिन जल निगम के कर्मचारियों द्वारा तुरंत ही फाल्ट ठीक करने का काम शुरू किए जाने से देर शाम तक जलापूर्ति सुचारू होने का आश्वासन दिया जा रहा है। नगर निगम के जलकल विभाग के एई सूरज ने बताया कि मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त न होने से जलापूर्ति से अधिक लोग वंचित नहीं रहे।
गड्ढों को भरने में भी बरती जा रही लापरवाही
सड़कों को खोदने के बाद गड्ढों को भरने में भी लापरवाही बरती जा रही है। बहादुरगंज पचराहा पर ही खोदाई और सीवर लाइन बिछाने के बाद गड्ढों को सही नहीं भरा गया, जिससे मिट्टी बैठ गई और गड्ढा खुल गया। इस गड्ढे में वाहन चालक फंसते रहे। यही हाल शहर की दूसरी सड़कों का भी रहा जहां पर सीवर लाइन के लिए खोदाई की गई थी। गड्ढों को भरने के लिए डाली गई मिट्टी के धूल बनकर उड़ने से लोग बीमार भी पड़ रहे हैं।
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सीवर लाइन बिछाने का काम जल्द पूरा कराने का प्रयास किया रहा है। बहादुरगंज, कचहरी रोड पर काम चल रहा है। शीघ्र कार्य संपन्न हो जाए, इसके लिए मजदूरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। जलापूर्ति बाधित और गड्ढों को भरने में लापरवाही करने पर संबंधित कर्मचारी को हिदायत दी गई है। - विनय शाक्य, अभियंता, जल निगम