अल्हागंज सीएचसी के प्रसव कक्ष की खिड़कियों में लगाए गए नए शीशे। संवाद
अल्हागंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाली धीरे-धीरे दूर होने लगी है। अधिकारियोें ने प्रसव कक्ष और प्रसूता वार्ड में खिड़कियों के टूटे शीशे बदलवा दिए। हाईमास्ट लाइट से रात में सीएचसी परिसर जगमगाने लगा है।
अमर उजाला ने 17 जून के अंक में संक्रमण से बेपरवाह... खिड़की के शीशे टूटे, पर्दे लगाकर करा रहे प्रसव, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों और उनसे मरीजों व तीमारदारों को होने वाली दिक्कतों को उजागर किया था। इन अव्यवस्थाओं से प्रसूताओं समेत नवजात में संक्रमण के खतरों से आगाह किया गया था। खराब पड़ी लाइटों के कारण रात में अस्पताल परिसर में अंधेरा होने पर वहां के स्टाफ समेत भर्ती मरीजों की देखरेख में होने वाली कठिनाइयों का भी उल्लेख किया गया था, जिसका संज्ञान लेने के बाद अधिकारियों ने व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी शुरू कर दी है।
प्रसूता वार्ड में खिड़कियों पर डाले गए पर्दों को हटाकर वहां के टूटे शीशे भी बदले गए। रात को इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भी सीएचसी में फैले अंधेरे से निजात मिल गई है। नगर पंचायत प्रशासन ने सीएचसी में नई हाई मास्ट लाइट लगवा दी हैं। बता दें कि सीएचसी पर नगर सहित क्षेत्र के करीब 40 गांवों के हजारों लोग चिकित्सा सेवाओं पर निर्भर हैं।
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नगर पंचायत कर्मचारियों द्वारा दो हाईमास्ट लाइटें भेजी गईं थीं। अस्पताल के कर्मचारियों ने पुरानी लगी खराब लाइटों को चेक किया। उनमें एक हाईमास्ट लाइट सही निकली और एक अन्य नई हाईमास्ट लाइट लगवा दी गई है। अन्य कई सुविधाएं भी जल्द उपलब्ध कराईं जाएंगी।
-डॉ. अश्वनी कुमार, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी अल्हागंज