पुवायां। निजी बस मालिक नियमों को ताक पर रखकर बसों से सवारियां ढो रहे हैं, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुवायां, खुटार और बंडा में तो निजी बस मालिकों ने यात्रियों के लिए बुकिंग काउंटर तक खोल रखे हैं।
निजी बसों से आए दिन बड़े हादसे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसको लेकर बैठक में कहा है कि बिना परमिट और डग्गामार बसें चलती मिलने पर परिवहन विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने सभी एआरटीओ को सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
पुवायां से एक निजी बस रोजाना दिल्ली जाती है। इसमें यात्रियों की बुकिंग कर ले जाया जाता है। गांव धारा के पास से भी एक बस महीने में तीन से चार बार जम्मू कश्मीर तक जाती है। इन बसोंं में क्षमता से अधिक यात्री बैठाए जाते हैं। खुटार होते हुए कई बसें रोजाना अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, जयपुर, दिल्ली आदि के लिए जाती हैं।
इन बसों में यात्रियों की बुकिंग करने के लिए काउंटर खुले हुए हैं। बंडा से भी बसें यात्रियों को कई स्थानों काे रवाना होती हैं। अधिकारियों की जानकारी में चलने वाली बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
धड़ल्ले से दौड़ रहे डग्गामार वाहन
लंबी दूरी की बसों के अलावा स्थानीय मार्गों पर डग्गामार वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। पुवायां-खुटार, पुवायां-शाहजहांपुर मार्ग पर कई ऐसे मैजिक वाहन चल रहे हैं, जिनकी फिटनेस और बीमा की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। निगोही और मोहम्मदी रोड पर जर्जर बसें दौड़ रही हैं। मैजिक और बस चालक हाईवे किनारे वाहन खड़े कर सवारियां बैठाते हैं।
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श्रमिकों को ढो रहे मालवाहन
लोडरन मैजिक, पिकअप आदि वाहनों से गांवों से श्रमिकों को खेतों पर लाया और ले जाया जाता है। एक-एक वाहन में 40 से 50 श्रमिक तक भरकर लाए जाते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। एआरटीओ ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की बात कह चुके हैं, लेकिन आज तक एक भी लोडर वाहन नहीं पकड़ा गया है।
चेकिंग अभियान चल रहा है। एआरटीओ के साथ टीम बनाई जाएगी। डग्गामार वाहनों और बिना परमिट बसें चलती मिलीं तो कार्रवाई की जाएगी।
- पंकज पंत, सीओ पुवायां
अभियान लगातार चल रहा है। रोजाना ही बिना परमिट के चलने वाले वाहनों को सील किया जाता है। सीएम के निर्देश के बाद अब और तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
- शांतिभूषण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन