शाहजहांपुर। ददरौल विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर अब तक सियासी तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। भाजपा और बसपा के टिकट घोषित नहीं किए जा सके हैं। वहीं भाजपा में एक बड़े नेता के चुनाव लड़ने की चर्चा भी सियासी हलकों में तैरने लगी हैं। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता टिकट की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
पांच जनवरी को ददरौल से भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई थी। सपा ने 23 मार्च की रात को पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। वहीं बसपा और भाजपा में टिकट की घोषणा को लेकर मंथन चल रहा है। सपा से गठबंधन होने के कारण कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। हालांकि पहले कांग्रेस ने ददरौल सीट पर अपना प्रत्याशी उतारने की मांग की थी लेकिन बाद में आलाकमान के निर्देश पर कदम पीछे खींच लिए। 18 अप्रैल से नामांकन शुरू होने हैं और 13 मई को मतदान होगा। ऐसे में कार्यकर्ता भी टिकट की जल्द घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। बसपा में जिले से पांच नामों को राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के पास भेजा गया था। करीब एक सप्ताह से प्रत्याशी को लेकर मंथन चल रहा है। बसपा से दो बार अवधेश वर्मा विधायक रह चुके हैं। इस बार वह सपा के टिकट से मैदान पर हैं। बसपा भी इस सीट पर दोबारा से कब्जा करने के लिए मजबूत प्रत्याशी उतारना चाहती है। बसपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम भारती ने बताया कि जल्द ही राष्ट्रीय नेतृत्व टिकट की घोषणा कर देगा।
दूसरी ओर भाजपा भी अब तक अपना रुख स्पष्ट नहीं कर सकी है। जिलास्तरीय नेताओं के पास भी उपचुनाव को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। दिवंगत मानवेंद्र सिंह के पुत्र अरविंद सिंह ने टिकट के लिए आवेदन किया है। उनके अलावा अन्य आवेदनों पर भी पार्टी विचार कर रही है। ददरौल से चुनाव लड़ने को लेकर पार्टी के एक बड़े नेता का नाम भी चलने लगा है। भाजपा उपचुनाव के लिए मजबूत विकल्प तलाश रही है, जिससे पार्टी सीट पर कब्जा बरकरार रख सके। जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा ने बताया कि प्रत्याशी को लेकर पार्टी के बड़े नेताओं के बीच वार्ता चल रही है। जल्द ही नाम घोषित कर दिया जाएगा।