शाहजहांपुर। मोहल्ला लाला तेली बजरिया निवासी संतोष दीक्षित की बाइक में रविवार सुबह नेशनल हाईवे पर ट्रक से टक्कर लग गई। हादसे में संतोष की मौत हो गई। बेटी इशिका गंभीर रूप से घायल हो गईं। गुस्साए लोगों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम भिजवाकर 15-20 मिनट बाद जाम खुलवा दिया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है।
40 वर्षीय संतोष दीक्षित सीमेंट कंपनी में मार्केटिंग का कार्य करते थे। रविवार सुबह पैतृक गांव चबा बेगमपुर जाने के लिए निकले थे। यह गांव महोली से सीतापुर रोड पर है। उनकी बाइक के पीछे 13 वर्षीय बेटी इशिका भी थी। दस बजे रोजा थाना क्षेत्र के जमुका तिराहे के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। ट्रक के नीचे संतोष की बाइक आ गई। हादसे के बाद आसपास के लोग दौड़ पड़े। संतोष को निकालने के साथ ही पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने तुरंत घायल संतोष और बेटी को एंबुलेस से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। डॉक्टर ने संतोष को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल इशिका की हालत गंभीर होने पर पास के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हर रविवार को पिता से मिलने जाते थे संतोष
करीब 15 साल पहले संतोष का विवाह लाला तेली बजरिया निवासी संगम अवस्थी से हुआ था। उसके कुछ वर्ष के बाद संतोष गांव से शहर आकर रहने लगे थे। गांव में रहने वाली उनके पिता बीमार थे। इसलिए वह हर रविवार को उनसे मिलने जाते थे। रविवार को जब उन्होंने गांव जाने के लिए बाइक निकाली तो इशिका भी साथ चल दी।
स्ट्रेचर पर लेटी बेटी बोली- पापा ठीक हैं
राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्ट्रेचर पर लेटी इशिका पैर में गंभीर चोट होने के बाद भी अपने पापा संतोष के बारे में पूछ रही थी। वह दर्द से कराह रही थी। उसके बाद भी आसपास खड़े रिश्तेदारों से पूछ रही थी कि पापा ठीक हैं। जब पिता की मौत की खबर उन्हें लगी तो वह फफक पड़ी।
तीन बेटियों की जिम्मेदारी मां पर आई
संतोष ने पढ़ाई के बाद वकालत शुरू की थी। वह कुछ दिन ही वकालत कर पाए थे कि उनकी नौकरी सीमेंट कंपनी में लग गई। वहां कार्य करते हुए दूसरी ब्रांड के सीमेंट की कंपनी में मार्केटिंग विभाग में चले गए। इस बीच उनके घर में बेटी इशिका का जन्म हुआ। इशिका तक्षशिला पब्लिक स्कूल में कक्षा दस की छात्रा है। उनकी दो जुड़वां बेटियां आरोही व लक्षता भी हैं। संतोष की मौत के बाद सारी जिम्मेदारी उनकी पत्नी संगम अवस्थी पर आ गई। उनकी मौत की खबर सुनकर संगम बिलख पड़ी। भाई पंकज दीक्षित भी बिलख पड़े।
हेलमेट से बचती जान, वह गाड़ी में लटका था
घर से निकलने के दौरान संतोष ने हेलमेट लिया था पर हाईवे पर बाइक चलाने के दौरान भी उन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था। हादसे के दौरान उनकी बाइक ट्रक के नीचे चली गई। जिस हेलमेट को सिर की चोट बचाने के लिए लेकर निकले थे, वह बाइक में लटका था।