शाहजहांपुर। शहर के बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तिराहे तक 28.300 किमी लंबे मार्ग का चौड़ीकरण कार्य भारत सरकार से पेड़ कटान की अनुमति न मिलने से रुक गया है। फोरलेन के निर्माण में अवरोधक बन रहे 5746 पेड़ काटे जाने हैं। छह महीने में भी काम के रफ्तार न पकड़ पाने से चौड़ीकरण का कार्य नियत समय जनवरी 2025 तक पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
फर्रुखाबाद से जलालाबाद तक हाईवे को पहले से चौड़ा किया जा रहा है। अब जलालाबाद के याकूबपुर तिराहा से शहर के बरेली मोड़ तक सात मीटर सड़क को 294.29 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन किया जाएगा। जुलाई 2023 में बांड़ बनने के बाद लखनऊ की एसएस इंफ्राजोन कंपनी ने काम शुरू कर दिया।
इस दौरान चिह्नित 5746 पेड़ों को हटाने की अनुमति के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय फाइल भेजी गई। मगर गैर वन भूमि न मिलने की वजह से अब तक अनुमति नहीं मिल सकी। संस्था को काम आवंटित हुए छह महीने बीत गए हैं लेकिन काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। ऐसे में तय समय तक काम पूरा करना मुमकिन नहीं लग रहा। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक अनापत्ति मिलते ही तेज रफ्तार से फोरलेन बनाने का काम शुरू हो जाएगा। पेड़ काटने का काम वन निगम करेगा। इसके लिए 13.08 करोड़ रुपये जमा भी किए जा चुके हैं।(संवाद)
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यहां फंसा पेच
इस सड़क के किनारे 50.27 हेक्टेयर में 5746 पेड़ों को काटा जाना प्रस्तावित है। नियम के मुताबिक पेड़ काटने के बाद उसी अनुपात में पेड़ लगाने भी होंगे। इसके लिए तकरीबन 101 हेक्टेयर गैर वन भूमि चाहिए। यह भूमि प्रदेश के किसी भी जिले में होनी चाहिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक सोनभद्र में आवश्यक जमीन मिल गई थी। इसका प्रस्ताव मंत्रालय की बैठक में रखा गया लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया। अब फिर से जमीन तलाशने की कवायद की जा रही है। इसके लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा गया है। प्रमुख सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर जमीन की मांग की गई है।
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इस तरह बनेगा फोरलेन
करीब 28 किलोमीटर की सड़क वर्तमान में सात मीटर चौड़ी है। यहां पर नौ-नौ मीटर चौड़ी दो सड़कें बनाईं जाएंगी। 2.5 मीटर चौड़े डिवाइडर बनेंगे। सड़क के दोनों ओर ढाई-ढाई मीटर चौड़ी पटरी बिछाई जाएगी। पूरा मार्ग करीब 25 मीटर चौड़ा बनेगा। मार्ग पर पड़ने वाली 30 पुलियों को भी चौड़ा किया जाना है। पुलियाें के चौड़ीकरण का काम शुरू भी करा दिया गया था लेकिन अब बंद कर दिया गया है।
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महत्वपूर्ण है यह मार्ग
इस मार्ग पर जमौर औद्योगिक क्षेत्र होने से सड़क किनारे वाहन खड़े रहते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। जलालाबाद से लेकर बरेली मोड़ तक कई ऐसे खतरनाक ठिकाने हैं जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। डबल लेन वाले रास्तों पर वाहनों की ओवरटेकिंग के दौरान उनकी आमने-सामने टक्कर होना आए दिन की बात है। इस मार्ग के चौड़ा हो जाने से हादसों पर अंकुश लगेगा। साथ ही भगवान परशुराम की जन्मस्थली तक पहुंचना आसान हो जाएगा। आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेस-वे पर जाने वालों की भी वहां तक पहुंच आसान हो जाएगी।
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गैर वन भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि मिलते ही मंत्रालय की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाएगा। इसके बाद तेजी से काम कराकर तय समय पर फोरलेन बनाने का पूरा प्रयास रहेगा।
- रथिन सिन्हा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग