शाहजहांपुर में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के मंत्रियों पर तंज कसा। उन्होंने मंत्री सुरेश खन्ना पर तंज कसते हुए कहा कि नौ बार के विधायक का क्षेत्र देख लिया। सुरेश खन्ना वह मंत्री हैं, जो कभी-कभी सीएम को बोलने नहीं देते। पूरे खजाने का हिसाब-किताब उनके पास है। कहा कि तीन-तीन मंत्रियों के क्षेत्र की सड़कें देखीं, जहां से निकलना तक मुश्किल है।
नौ बार के विधायक व जिले के तीन-तीन मंत्रियों के शहर की हालत इतनी खराब? लग रहा है कि यहां तो प्रधानमंत्री के आह्वान पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत भाजपा वालों ने झाड़ू ही नहीं लगाई। कुछ इस तरह से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के शहर में उन्हीं पर निशाना साधा।
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प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे माइक संभालते ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाजपा सरकार के मंत्रियों पर तंज कसा। उन्होंने मंत्री सुरेश खन्ना पर तंज कसते हुए कहा कि नौ बार के विधायक का क्षेत्र देख लिया। सुरेश खन्ना वह मंत्री हैं, जो कभी-कभी सीएम को बोलने नहीं देते। पूरे खजाने का हिसाब-किताब उनके पास है। बोले-तीन-तीन मंत्रियों के क्षेत्र की सड़कें देखीं। जहां से निकलना तक मुश्किल है।
उन्होंने पीएम के स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि तनवीर खां के घर से निकलते समय कूड़े के ढेर नजर आए। अखिलेश ने सवाल किया कि यहां के नेताओं को क्या हो गया, जिन्होंने पीएम के निर्देश के बाद भी झाड़ू तक नहीं लगाई? क्या यही भाजपा का स्वच्छ भारत अभियान है? बोले-लखनऊ से शाहजहांपुर तक डिवाइडर पर सांड़ नजर आए। भाजपा वालों को सांड़ों से न जाने कौन सा प्रेम हैं।
उन्होंने बिजली का जिक्र करते हुए कहा कि बिजली कब आती है? पता नहीं, पर लोगों के घरों पर बिल का करंट जरूर लग जाता है। बोले-सबसे ज्यादा बिजली के कारखाने नेता जी के समय में लगे हैं। रिलायंस थर्मल पॉवर भी समाजवादियों की देन है। उन्होंने शहीद नगरी शाहजहांपुर और मैनपुरी के रिश्ते पर भी चर्चा की। क्रांतिकारियों को नमन करते हुए उनकी आजादी की लड़ाई में भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने गेंदालाल दीक्षित का जिक्र करते हुए कहा कि मैनपुरी केस पढ़ने वालों को उनके और शहीद पं. रामप्रसाद बिस्मिल का रिश्ता याद होगा।
कोलाघाट पुल के बहाने भी निशाना साधा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कोलाघाट पुल के बहाने भी भाजपा पर निशाना साधा। लंबे समय से टूटे पड़े पुल को अब तक सही नहीं कराने पर बोले कि जिले का एक पिछड़ा इलाका है, जहां के लोगों को काफी घूमकर आना पड़ता था। कोलाघाट पुल नेता जी के समय बना था। उसका एक खंभा टूटा तो डबल इंजन की सरकारें उसे सही नहीं करा पा रहीं। इसी कारण ग्रामीणों को काफी तकलीफों से फिर से जूझना पड़ रहा है।
बोले- धन कहां जा रहा, जांच हो
मुख्यमंत्री के एक्सप्रेस-वे को लेकर दिए बयान ‘फर्रुखाबाद वाले चूसे गन्ना, एक्सप्रेस-वे ले गए खन्ना’ के बयान का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई भी एक्सप्रेस-वे एक स्थान से दूसरे स्थान तक जोड़ने के लिए बनाया जाता है। मंत्री ने अपना एलाइनमेंट बदल दिया। वह उसे शाहजहांपुर लेकर आ गए।
अखिलेश यादव ने सवाल किया कि धन कहां जा रहा है। इसकी जांच होना चाहिए। बोले-यह सरकार का हाईवे नहीं है, बल्कि प्राइवेट है। यह किसी उद्योगपति को लाभ देने के लिए बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हाईवे के नाम पर भाजपा सरकार से ज्यादा कभी लूट नहीं हुई है।
किसानों के जख्मों पर लगाया मरहम
शिविर के समापन पर पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों के जख्मों पर मरहम लगाया। उन्होंने महंगाई और नोटबंदी के जरिये आम आदमी को साधने का प्रयास किया। पेट्रोल-डीजल की कीमत को लेकर सवाल करते हुए सिलिंडर के दाम को लेकर तंज कसा। दिवाली पर फ्री सिलिंडर को लोकसभा चुनाव को देखते हुए देने का आरोप लगाते हुए होली-दिवाली पर मिलने वाले सिलिंडर का हिसाब-किताब भी मांग लिया। उन्होंने इन्वेस्टर समिट को लेकर कहा कि शाहजहांपुर या आसपास के इलाके में कोई उद्योग नहीं लगा। किसी को नौकरी तक नहीं दे पाए।
उन्होंने गन्ने व धान के रेट को लेकर सरकार को घेरा। कहा कि सरकार गन्ने का रेट नहीं बढ़ाएगी, बल्कि उद्योगपतियों से मिलकर उनकी जेब भरेगी। नोटबंदी गरीब व किसान के लिए नहीं की, बल्कि एक बड़े उद्योगपति को लाभ पहुंचाने के लिए की गई थी। यह पहली सरकार है, जिसने दो हजार का नोट चलाकर बंद कर दिया। सरकार अब बताने को तैयार नहीं है कि किस प्रदेश व शहर में सबसे ज्यादा नोट जमा हुए हैं। भाजपा की सरकार में किसानों की आय दोगुनी होने के बजाए थानों और तहसीलों की आय बढ़ी है।