गन्ना शोध परिषद में स्थापित ऑटोमैटिक मौसम संयंत्र
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शाहजहांपुर में मौसम में उतार-चढ़ाव की सटीक जानकारी लोगों को उपलब्ध कराने के लिए गन्ना शोध परिषद में आटोमेटिक मौसम संयंत्र की स्थापना की गई है। शनिवार को अपर गन्ना आयुक्त एवं उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के प्रभारी निदेशक वीके शुक्ला ने इसका उद्घाटन किया।
गन्ना शोध परिषद के पास मौसम के आकलन के लिए काफी पुराने संयंत्र थे। मौसम के पूर्वानुमान को लेकर बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए ऑटोमेटिक मौसम संयंत्र की स्थापना की गई है। संयंत्र के जरिये गन्ना शोध परिषद के आठ से दस किमी की परिधि में आगामी एक सप्ताह में मौसम में होने वाले परिवर्तन की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। निदेशक वीके शुक्ला ने बताया कि संयंत्र के जरिये मौसम अनुमान मिलने से फसलों में होने वाले नुकसान को बचाया जा सकता है।
सभी सूचनाएं कंप्यूटर पर उपलब्ध हो जाएंगी। मिट्टी में नमी का प्रतिशत भी ज्ञात हो जाएगा। इस अवसर संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. सुजीत प्रताप सिंह, संजीव पाठक, डॉ. सुनील विश्वकर्मा, डॉ. जीएन गुप्ता मौजूद रहे।
मौसम संयंत्र के ये होंगे फायदे
- संयंत्र के जरिये पत्तियों पर लगने वाले कीट एवं बीमारियों को घर बैठे अपने मोबाइल पर देख सकते हैं।
- फसलों में लगने वाले कई तरह के कीटों के बारे में बताएगा, किसानों को काफी लाभ होगा।
- एक सप्ताह पहले ही मौसम के परिवर्तन की जानकारी मिल सकेगी।
- रीडिंग लेने के लिए कहीं जाना नहीं होगा, यूजर व पासवर्ड होने पर सूचना मोबाइल पर मिल सकेगी।
- मौसम में परिवर्तन आने पर गन्ना शोध परिषद तुरंत ही एडवाइजरी जारी करेगा।