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Shahjahanpur News: मच्छरों का प्रहार...जोखिम वाले गांवों में बजबजा रहीं नालियां, पनप रहा है लार्वा

Sat, 18 May 2024 04:38 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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रितेश यादव। स्रोत: स्वयं
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शाहजहांपुर/कांट। ग्रामीण इलाकों में मच्छरों का प्रहार शुरू हो गया है। इस साल दस मरीज मलेरिया के मिल चुके हैं। बावजूद अधिकारी भारी जोखिम वाले गांवों में उदासीनता बरत रहे हैं। ऐसे में पिछले साल की तरह फिर से यहां हालात बिगड़ने की आशंका है।
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शुक्रवार को दो गांवों की पड़ताल में अधिकारियां के दावाें की सच्चाई सामने आई। कांट ब्लॉक के अभायन गांव की करीब 3500 आबादी है। पिछले वर्ष गांव में डेंगू व मलेरिया का काफी प्रकोप रहा था। बुखार भी फैला था। यहां पर करीब चार सौ लोगों के बीमार होने का आकलन किया गया था। कुछ मौतें भी मच्छरजनित बीमारियों के चलते हुई थीं। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाया था, लेकिन इस बार फिर व्यवस्था पुराने ढर्रे पर है।

शुक्रवार को गांवों की कई नालियाें में पानी का ठहराव मिला। ग्रामीणों ने बताया कि कई महीने से सफाई कार्य नहीं हुई है। गांव में एक किनारे पर तालाब जैसी स्थिति मिली। उसमें पानी भरे हाेने के साथ ही मच्छर भी पनप रहे थे।
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इसी तरह गुरथना गांव में सितंबर में डेंगू-मलेरिया का प्रकोप रहा था। ग्रामीण बताते हैं कि दस लोगों की डेंगू से मौत हुई थी। चार सौ से ज्यादा लोग बीमार हुए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के शिविर लगाने के बावजूद अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। गांव में आठ महीने से सफाई कर्मचारी नहीं आए। इस कारण सफाई व्यवस्था चौपट है। ऐसे में ग्रामीण आने वाले मौसम को देखते हुए आशंकित हैं।



पिछले साल जिले में इतने मिले थे मरीज

663 मलेरिया के रोगी मिले थे।

704 डेंगू के रोगी पाए गए थे।



24 गांवों में छिड़काव के लिए कीटनाशक आने का इंतजार

-स्वास्थ्य विभाग ने 24 गांवों को भारी जोखिम की श्रेणी में रखा है। 124 गांवों को कीटनाशक दवा के छिड़काव के लिए सूचीबद्ध किया। इसके लिए पांच हजार किलो दवा की मांग मुख्यालय से की है। जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि अभी दवा मिली नहीं है।



-होली पर गांव में सफाई हुई थी। उसके बाद सफाई कर्मचारी नहीं आया है। पिछले वर्ष इतने खराब हालात थे, फिर भी किसी अधिकारी ने अभी तक आने की जरूरत नहीं समझी।

रजनीश, अभायन गांव

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-पिछले वर्ष दस लोगों की डेंगू से मौत हुई थी, फिर भी गांव में मच्छराें से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। आठ महीने से सफाई कर्मचारी तक नहीं आया है।

रितेश यादव, ग्राम गुरथना


-गांवों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी व नगर निकायों के ईओ से पत्राचार किया जाएगा। संबंधित से व्यक्तिगत भी व्यवस्था में सुधार के लिए गुजारिश करेंगे।
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डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
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गांवों में सफाई कार्य को लेकर नियमित रूप से निरीक्षण किया जाता है। अगर किसी गांव में समस्या है तो विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई कराई जाएगी।
घनश्याम सागर, डीपीआरओ

रितेश यादव। स्रोत: स्वयं

रितेश यादव। स्रोत: स्वयं

रितेश यादव। स्रोत: स्वयं

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