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एआरटीओ आफिस : बगैर दलाल काम कराना मुश्किल, अधिकारियों पर भारी गुर्गों की दबंगई

सार

वाहन मालिक से विवाद होने पर सिपाही और दरोगा पीड़ित के बजाय दलालों का पक्ष लेते हैं, जिसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं।कार्यालय में सन्नाटा, दलालों की दुकानों पर भीड़एआरटीओ कार्यालय में बिना दलालों के कोई कार्य नहीं होता है। एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर शातिभंग में चालान किया है। लेकिन, सब सामान्य होने के बाद फिर दलाल पूरी तरह व्यवस्था पर हावी हो गए हैं।दलालों को हटाने के लिए प्रशासन से कई बार अनुरोध किया गया।
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विस्तार
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शाहजहांपुर। शासन भले ही ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण समेत कई सुविधाओं को ऑनलाइन कर दलालों से मुक्ति का दावा करे पर एआरटीओ दफ्तर में बगैर दलालों के काम कराना बहुत कठिन है। शहर से बाहर नियामतपुर गांव में नया एआरटीओ कार्यालय बनने के बाद तो दलालों की दबंगई बेलगाम हो चुकी है। लाइसेंस की 1350 रुपये की सरकारी फीस के बदले वह 4500 रुपये तक वसूलते हैं और अधिकारी चुप्पी साधे रहते हैं।
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पूर्व में शहर के अंदर बाडूजई प्रथम में एआरटीओ कार्यालय होने के कारण दलालों में अधिकारियों और पुलिस का डर रहता था। नियामतपुर गांव में एआरटीओ कार्यालय जाने के बाद दलाल बेखौफ हो गए हैं। गांव में पक्की दुकानों में बने जनसेवा केंद्रों से दलाल अपने धंधे को बढ़ा रहे हैं। दलालों के गुर्गे पेड़ के नीचे और चबूतरों पर कुर्सी डालकर बैठ जाते हैं। गांव में प्रवेश करते ही गुर्गे लोगों से पूछताछ शुरू कर देते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस समेत सारे कामों के रुपये गुर्गे तय कर दफ्तर पहुंचते हैं। वहीं से उनसे रुपये वसूलने के बाद कागजी कार्रवाई को पूरा किया जाता है। लर्निंग लाइसेंस की फीस 350 रुपये और परमानेंट की फीस एक हजार रुपये है, लेकिन यह 4500 रुपये वसूलते हैं। लर्निंग के नाम पर दो हजार उसके बाद परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए 2500 रुपये एक महीने के बाद मांगे जाते हैं।
फर्जी बीमा का बड़े पैमाने पर चल रहा खेल
वाहन से संबंधित सभी कार्यों के लिए दलालों के सामने अधिकारी तक नतमस्तक हैं। हाल यह है कि टेंपो का 7500 रुपये में होने वाला बीमा दलाल तीन हजार रुपये में करा देते हैं। वह टेंपो की सीसी कम कर देते हैं। उनका बीमा इंटरनेट पर शो होने के बाद गाड़ी की फिटनेस करा दी जाती है। कार्यालय में फर्जी बीमा का बड़ा खेल सामने आया है। साइबर कैफे से फर्जी बीमा कराने वाला दलालों का बड़ा गैंग सक्रिय है।
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लाइन से खुलीं दुकानें, पुलिस की सेटिंग से चल रहा काम
एआरटीओ कार्यालय के बाहर लाइन से पक्की दुकानें बनी हैं। कार्यालय में पुलिस की ड्यूटी भी लगाई जाती है पर दलालों ने सिपाहियों तक से सेटिंग बना रखी है। वाहन मालिक से विवाद होने पर सिपाही और दरोगा पीड़ित के बजाय दलालों का पक्ष लेते हैं, जिसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं।
कार्यालय में सन्नाटा, दलालों की दुकानों पर भीड़
एआरटीओ कार्यालय में बिना दलालों के कोई कार्य नहीं होता है। दलालों के बगैर कार्यालय में जाने पर लाइसेंस बनवाने के लिए तमाम तरह की प्रक्रिया समझा दी जाती है। यह बिना दलालों के संभव नहीं हो पाती। लोगों को मजबूरी में दलालों की शरण में जाना पड़ता है। यही वजह है कि एआरटीओ कार्यालय में सन्नाटा रहता है, जबकि दलालों की दुकानों में काफी भीड़ होती है। गांव में स्थित दुकानों पर बैठने वाले दलाल ने अपना साम्राज्य फैला रखा है। पुलिस और अधिकारियों की निगरानी के लिए गुर्गे छोड़ दिए हैं। ये गुर्गे और दलाल खुद को वकील बताते हैं।
पुलिस ने मारा छापा, दुकानें छोड़कर भागे दलाल
सोमवार को सिंधौली पुलिस के पहुंचने के बाद एआरटीओ कार्यालय के दलालों में भगदड़ मच गई। एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर शातिभंग में चालान किया है। कार्यालय में दलालों की सक्रियता को देखते हुए एसपी एस.आनंद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दलालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश इंस्पेक्टर को दिए हैं।
विजिलेंस छापे के बाद एक महीना बंद रहीं थीं दुकानें
कुछ वर्षों पहले बरेली और लखनऊ की विजिलेंस टीम ने एआरटीओ कार्यालय में छापा मारा था। विजिलेंस ने आरआई को हिरासत में लिया था, साथ ही 15 दलाल भी पकड़े गए थे। उनके लैपटॉप और कंप्यूटर भी कब्जे में ले लिए गए थे। विजिलेंस की सख्त कार्रवाई के बाद एक महीने तक दलाल काम नहीं कर सकें थे। लेकिन, सब सामान्य होने के बाद फिर दलाल पूरी तरह व्यवस्था पर हावी हो गए हैं।
दलालों को हटाने के लिए प्रशासन से कई बार अनुरोध किया गया। सिंधौली थाने पर पिछले सप्ताह ही पत्र भेजा गया था। कार्यालय में हेल्प डेस्क खुली हैं। संबंधित व्यक्ति दलाल के पास जाने के बजाय हेल्पडेस्क पर जाकर समस्या बता सकता है। - एमपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन
एआरटीओ कार्यालय में दलालों के सक्रिय होने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसके लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है। दलालों से सख्ती से निपटा जाएगा। - एस. आनंद, एसपी
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