शाहजहांपुर। मातृशक्ति की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो टीम की सक्रियता बढ़ा दी गई है। भीड़ वाले इलाकों, स्कूल-कॉलेजों में टीमाें की गतिविधियां बढ़ाई गई हैं। जिले में 15 दिन में छह सौ लोगों को पहली बार पकड़े जाने पर चेतावनी देकर छोड़ा गया है। नवागत एसपी राजेश एस. ने एंटी रोमियो टीम को अधिक सक्रिय करने के लिए संकेत दिए हैं।
महिला अपराधों पर अंकुश लगाना शासन की प्राथमिकता में है। महिलाओं व लड़कियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए हर थाने में एंटी रोमियो टीम का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर एक टीम बनी है। ये टीमें स्कूल-कॉलेजों के अतिरिक्त शाम को भीड़ वाले स्थानों पर जाकर बिना कारण खड़े होने वाले लोगों को चिह्नित करती हैं। सीओ सिटी सौम्या पांडेय बताती हैं कि बाजार, चौराहों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध लोगों पर टीमें निगाह रखती है। पहली बार पकड़े जाने पर उनका फोटो खींचने के साथ नाम, पिता का नाम, पता और किस जगह पर कब पकड़े गए, यह नोट करते हुए चेतावनी देकर छोड़ा जाता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर संबंधित का डाटा खोजकर माता-पिता को बुलाकर सुपुर्द करते हैं। तीसरी बार में कानूनी कार्रवाई की जाती है।
-
कानून तोड़ने पर तुरंत होती कार्रवाई
-बिना कारण पकड़े जाने पर दो बार मौका मिलता है, जबकि महिला-लड़की का पीछा करने, छेड़छाड़ या अश्लील गाना या इशारा करने पर पुलिस तुरंत ही कार्रवाई करती है। संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि हर दिन एंटी रोमियो टीम की कार्रवाई को गूगल शीट के जरिये भेजा जाता है।
-
सेहरामऊ दक्षिणी का सबसे बेहतर कार्य
-सीओ सिटी ने बताया कि 14 से 31 अगस्त तक जिले में छह सौ लोगों को चेतावनी देकर छोड़ा गया। इसमें सबसे बेहतर कार्य सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस का रहा। उनके पास 60 ऐसे लोगों का डाटा सुरक्षित हैं, जो अलग-अलग कारणों के चलते पकड़े गए।
-एंटी रोमियो टीमें पूर्व से सक्रिय हैं। महिलाओं व लड़कियों को जागरूक भी किया जा रहा। महिला सुरक्षा को लेकर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
राजेश एस. एसपी