शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव के साथ भाजपा विधायक मानवेंद्र सिंह के निधन से रिक्त हुई ददरौल विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव पर भी सभी राजनीतिक दलों की निगाह जमी हुई है। अभी तक किसी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है हालांकि भाजपा और सपा में कई नाम चर्चा में हैं।
इतिहास की बात करें तो 1969 से लेकर अब तक ददरौल विधानसभा क्षेत्र में 14 चुनाव हो चुके हैं। इनमें से सर्वाधिक बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। रामऔतार मिश्रा चार बार कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं। 1969 में हुए पहले चुनाव में राममूर्ति अंचल ने कांग्रेस से जीत हासिल की थी। बसपा से अवधेश वर्मा ने 2002 और 2007 में जीत दर्ज की। वह 17 मई 2007 से 14 मार्च 2012 तक बसपा सरकार में राज्यमंत्री भी रहे। 2012 में सपा के राममूर्ति सिंह वर्मा ने जीत हासिल की और अखिलेश यादव की सरकार में राज्यमंत्री बने। राममूर्ति सिंह वर्मा इससे पहले दिसंबर 1990 में मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमंडल में उपमंत्री रहे थे। 2017 में मानवेंद्र सिंह ने भाजपा को पहली बार जीत दिलाई। इसके बाद 2022 में दोबारा मानवेंद्र सिंह भाजपा से विधायक बने। मानवेंद्र सिंह का पांच जनवरी को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। 16 मार्च को चुनाव आयोग ने ददरौल सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। अब 13 मई को ददरौल में भी उपचुनाव होगा।
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सीट नहीं खोना चाहती भाजपा, खाता खोलना चाहती हैं सपा- बसपा
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर क्लीन स्वीप किया था। मानवेंद्र सिंह के निधन के बाद भाजपा इस सीट को किसी भी हाल में खोना नहीं चाहती है। वहीं सपा ददरौल विधानसभा उपचुनाव अपनी राजनीतिक जमीन को बचाने के एक मौके के तौर पर देख रही है। 2012 में सपा के पास जिले में तीन सीटें थीं। 2017 में भी जलालाबाद की सीट उसके पास थी लेकिन 2022 में उसका सूपड़ा साफ हो गया। वहीं बसपा और कांग्रेस भी जिले में अपना खाता खोलने के लिए मौके की तलाश में हैं।
ददरौल विधानसभा सीट का इतिहास
वर्ष- विजेता (पार्टी)
1969- राममूर्ति अंचल (कांग्रेस)
1974- गिरजाशंकर मिश्र (निर्दलीय)
1977-मंसूर अली (निर्दलीय)
1980- नाजिर अली (जनता पार्टी)
1985- राम औतार मिश्रा (कांग्रेस)
1989- राम औतार मिश्रा (कांग्रेस)
1991- देवेंद्रपाल सिंह (जनता दल)
1993- रामऔतार मिश्रा (कांग्रेस)
1996- रामऔतार मिश्रा (कांग्रेस)
2002- अवधेश कुमार वर्मा (बसपा)
2007- अवधेश कुमार वर्मा (बसपा)
2012- राममूर्ति सिंह वर्मा (सपा)
2017- मानवेंद्र सिंह (भाजपा)
2022-मानवेंद्र सिंह (भाजपा)