शाहजहांपुर। जिले में 88 वर्ष बाद लगभग 200 गांवों में चकबंदी की जाएगी। यहां पर वर्ष 1936 के बाद से अब तक चकबंदी नहीं हुई थी, वहीं 81 गांव ऐसे हैं जहां आज तक चकबंदी हुई ही नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा अब इनमें चकबंदी कराने की तैयारी कराई जा रही है।
चकबंदी के माध्यम से व्यक्तिगत खेती को टुकड़ों में विभक्त होने से रोका और संचयित किया जाता है। किसी ग्राम की समस्त भूमि को और कृषकों के बिखरे हुए भूमिखंडों को एक पृथक क्षेत्र में पुनर्नियोजित किया जाता है। यह प्रक्रिया चलती रहती है।
जिले के 200 गांवों में पिछले 88 सालों से चकबंदी नहीं हुई है। इनमें सभी तहसीलों के गांव शामिल हैं। बंदोबस्त चकबंदी कार्यालय के रिपोर्ट के अनुसार तहसील सदर में 560, पुवायां में 716, तिलहर में 661, जलालाबाद में 236 तथा कलान में 213 राजस्व ग्राम हैं। इस तरह से राजस्व गांवों की कुल संख्या 2,386 है। करीब 81 गांव ऐसे है जिनमें आज तक चकबंदी ही नहीं हुई है। इनकी तहसील वार संख्या सदर में दस, पुवायां में छह, तिलहर में 48, जलालाबाद में दस और कलान में सात है। पूर्व में करीब 45 गांवों में चकबंदी कराने को लेकर सूची प्राप्त हुई थी।
85 प्रतिशत लोगों की सहमति पर होती है चकबंदी
किसी में गांव में चकबंदी के लिए 85 प्रतिशत लोगों की सहमति होना जरूरी है। इससे पहले ग्राम प्रधान या ग्रामीणों की ओर से प्रस्ताव दिया जाता है। यह प्रस्ताव शासन, चकबंदी आयुक्त अथवा डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। इसके बाद ग्रामीणों के साथ बैठक बुलाई जाती है। इसमें एक तिहाई से अधिक यानी 85 प्रतिशत लोगों की सहमति मिलने पर चकबंदी की कार्रवाई को अमल में लाया जाता है।
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तय सरकारी रेट अनुसार उपलब्ध कराई जाती है कृषि उपयोगी जमीन
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक राजस्व गांव की जमीन का सरकारी रेट तय होता है। चकबंदी के दौरान परिवर्तित होने होने पर उतनी ही लागत की जमीन दी जाती है। उदाहरण के लिए यदि किसी जमीन का रेट 70 पैसे लगा और उसके मालिक को एक रुपये वाली कृषि योग्य भूमि मिली तो उसका क्षेत्रफल कम हो जाएगा। यदि एक रुपये रेट वाली जमीन के स्थान पर कम उपजाऊ जमीन उपलब्ध होने पर क्षेत्रफल बढ़कर प्राप्त होगा।
चकबंदी के लिए प्रधान व ग्रामवासियों द्वारा प्रस्ताव भेजा जाता है। इसके बाद बैठक करके सर्वसम्मति से कार्रवाई को आगे बढ़ाने का निर्णय होता है। वर्तमान में 25 गांवों में चकबंदी का कार्य चल रहा है। कुछ गांवों से प्रस्ताव मिला है। 200 गांवों में चकबंदी कराए जाने के लिए प्रस्ताव मिलने पर प्रक्रिया कराई जाएगी।
- दुर्गेश कुमार, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी, शाहजहांपुर।