शाहजहांपुर। वाहनों के मालिकाना हक के विवाद में थाने और चौकी के चक्कर लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से परेशान कांट के मोहल्ला सेहरान निवासी ताहिर अली को एसपी कार्यालय के गेट पर खुद को आग लगाने के लिए उकसाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। थाना सदर बाजार के उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र दीक्षित ने आईपीसी की 14 धाराओं में छह से सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिये उनकी पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। इधर, लखनऊ में भर्ती ताहिर की हालत अब सामान्य है।
मंगलवार को पूर्वांह्न 11:58 बजे ताहिर अली कपड़ों पर पेट्रोल डालकर अपनी बीबी महनाज व बच्चों के साथ एसपी कार्यालय में पहुंचा था। ताहिर जूतों पर आग लगाते हुए कार्यालय की ओर भागा। कपड़ों पर पेट्रोल पड़ा होने की वजह से वह आग की लपटों से घिरकर बुरी तरह झुलस गया था। पुलिसकर्मियों ने आग बुझाने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां से उसे लखनऊ के केजीएमयू के लिए रेफर कर दिया गया था। कांड के बाद पुलिस ने वायरल वीडियो व कार्यालय में लगे कैमरे देखे तो कुछ लोगों के ताहिर अली को आग लगाने के लिए उकसाने की बात सामने आई। एसपी अशोक कुमार मीणा ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद थाने के उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र दीक्षित की तहरीर पर पुलिस ने देर रात छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ 14 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें कहा गया कि कचहरी-कलक्ट्रेट की सुरक्षा की ड्यूटी के दौरान दोपहर शोर-शराबा होने पर वह पहुंचे तो एक व्यक्ति के कपड़ों में लगी आग को बुझाने में पुलिसकर्मी जुटे थे। सीसीटीवी कैमरे व सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखकर तथ्यों के आधार पर ताहिर अली को घटना से पूर्व पुलिस कार्यालय के बाहर खड़े छह से सात लोग साजिश के तहत उकसा रहे थे। उकसाने वालों ने घुटनों से नीचे अपने कपड़ों में आग लगाकर कार्यालय में घुसने को कहा था, जिससे गाड़ी और रुपया उमेश तिवारी से मिल सके। उकसाने वाले वीडियो बनाते हुए उसके पीछे भी भागे। उसकी आग को बुझाने का प्रयास नहीं किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई। उकसाने वालों की तलाश को शुरू करते हुए सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है।
पुलिस कार्यालय पर पुलिस का पहरा दिया, बिना कारण बताए प्रवेश बंद
-घटना के बाद पुलिस कार्यालय पर कड़ा पहरा लगा दिया। मेडल डिटेक्टर के साथ ही पुलिसकर्मियों ने बुधवार को मुख्य गेट से पूछताछ के बाद प्रवेश दिया। बाहरी लोगों के वाहनों को भी प्रवेश नहीं मिल सका। इस बीच बिना कारण बताए लोगों के प्रवेश पर रोक रही। दूसरी ओर सहकारी बैंक से सटे गेट पर सिर्फ स्टाफ को प्रवेश मिल सका। पुलिस पूरे दिन अलर्ट रही। एसओजी भी कार्यालय के आसपास नजर बनाए रहे। पूरे दिन कार्यालय छावनी बना रहा।
पांच और कैमरों को लगाया जाएगा
-पुलिस कार्यालय पर पहले से 15 कैमरों से निगरानी की जाती है। कुछ स्थान सीसीटीवी से अछूते हैं। इसे कवर करने के लिए बुधवार को सर्वे करने के बाद कैमराें के लिए लाइन को बिछाया गया। पांच नए कैमरे भी लगाए जाएंगे। इसके तहत सीओ कार्यालय के एरिये पर भी निगरानी रहेगी।
ताहिर की हालत में सुधार, जांचें आईं सामान्य
-आग से झुलसे ताहिर की हालत गंभीर होने के बाद उसे लखनऊ में भर्ती कराया गया। उसके साथ में सदर थाने के दो एसआई और परिवार के लोग भेजे गए थे। इंस्पेक्टर सदर रवींद्र सिंह ने बताया कि ताहिर की हालत में सुधार हुआ है। बुधवार की शाम को चार बजे हुई जांचें भी सामान्य रहीं हैं।
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थानों में लगाए गए अग्निशमन यंत्र
मीरानपुर कटरा। पुलिस कार्यालय में आग की घटना को देखते हुए थानों में अग्निशमन यंत्र को लगाने का काम शुरू कर दिया है। इसके तहत प्रमुख स्थानों को चिह्नित करते हुए यंत्र लगाए गए हैं।
पुलिस की भूमिका की जांच एसपी सिटी को
-ताहिर व उमेश तिवारी के बीच वाहनों के विवाद को लेकर पुलिस की भूमिका की जांच भी एसपी सिटी को सौंपी गई है। एसपी के सामने ताहिर की पत्नी ने आरोप लगाया था कि वह वाहनों को वापस कराने को सदर थाने व कैंट चौकी के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। सत्ता पक्ष के इशारे पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
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-मामले में उपनिरीक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। उकसाने वालों की शिनाख्त सीसीटीवी फुटेज के जरिये की जाएगी।
बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी