जंगल किनारे पड़ी कोरों की लकड़ी के बोटे। संवाद
खुटार। फत्तेपुर वन क्षेत्र में निहालपुर के पास कोरो के दो पेड़ काटने के बाद जंगल की जमीन कब्जाने का आरोप है। इस मामले में वनकर्मी लीपापोती में जुटे हैं। पैमाइश कराने की बात कह कर कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं।
खुटार रेंज में गांव निहालपुर में जंगल किनारे से लोगों के खेत शुरू हो जाते हैं। जंगल के पास के कुछ किसान एक-दो पेड़ काटने के बाद लकड़ी गायब कर देते हैं और जड़ों को खोदकर खेत को जंगल की जमीन में मिला लेते हैं। यह सिलसिला काफी समय से चल रहा है। कुछ दिन पहले निहालपुर के पास जंगल के किनारे खड़े कोरो के दो पेड़ काटने के बाद कुछ लकड़ी गायब कर दी गई थी। इसके बाद वन भूमि खेत में मिला ली गई।
गांव के कुछ लोगों ने पेड़ काटे जाने और वन भूमि पर कब्जा करने की शिकायत वनकर्मियों से की थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद एसडीओ डॉ. सुशील कुमार अपने साथ सर्वेयर अधिकारी तेजपाल को लेकर निहालपुर जंगल पहुंचे और जांच की।
मामले की शिकायत मिली थी। मैंने मौके पर जाकर जांच की है। जो लकड़ी के बोटे मिले हैं, वे टूटी हुई लकड़ी के हैं। जमीन की पैमाइश कराई जाएगी। पैमाइश में अगर जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुशील कुमार, एसडीओ वन विभाग शाहजहांपुर