शाहजहांपुर। लेखपाल ने जमीन की विरासत करने के नाम पर ग्रामीण से नकद रुपये लेने के साथ अपने खाते में ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर भी कराए। काम नहीं होने पर पीड़ित ने एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय से शिकायत की। एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ ने लेखपाल को निलंबित कर मामले में की जांच तहसीलदार सदर अरुण सोनकर को सौंपी है।
16 फरवरी को ही विरासत कराने के नाम पर रिश्वत मांग रहे सदर तहसील के लेखपाल अरविंद कुमार को एंटी-करप्शन की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। सदर तहसील क्षेत्र के गांव धन्योरा निवासी सुरजीत ने शिकायती पत्र देकर बताया था कि उसके पिता जंगबहादुर सिंह की मौत हो चुकी है। वह पिता की जमीन अपने नाम विरासत कराना चाहता था। उसने लेखपाल अनूप शर्मा से संपर्क किया। लेखपाल ने विरासत करने के लिए 20 हजार रुपये नकद और 20 हजार रुपये ऑनलाइन लिए। इसके बाद भी वह उनकी विरासत नहीं कर रहा था। दूसरा मामला भी इसी गांव का है। रीता देवी ने शिकायती पत्र देकर बताया था कि उसके भाई अखिलेश कुमार ने जमीन की विरासत कराने के लिए आवेदन किया था। लेखपाल अनूप शर्मा ने इसके एवज में 20 हजार रुपये नकद और 20 हजार रुपये ऑनलाइन लिए। इसके बाद जमीन की नाप कराने के नाम पर लेखपाल ने पांच हजार रुपये लिए, लेकिन उसका काम नहीं किया। आरोप है कि लेखपाल आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर उगाही करता है। शिकायत मिलने के बाद एडीएम प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम सदर ने मामले की जांच करने के बाद आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया। एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि लेखपाल को निलंबित कर मामले की जांच तहसीलदार सदर अरुण सोनकर को दी गई है।