भुगतान नहीं मिलने से परेशान आशा बहुओं ने सरकारी अस्पताल में प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
संगठन की अध्यक्ष आरती यादव ने कहा कि वर्ष 13 से अभी तक आशाओं को प्रसव कराने के पारिश्रमिक के अलावा कोई भुगतान नहीं दिया गया है। जिस कारण आशाओं को सरकारी कार्य करने के लिए घर से रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जनवरी में आशाओं के लिए नौ-नौ हजार रुपये आए। भुगतान करने के बदले उन लोगों से पांच-पांच सौ रुपये की मांग की जा रही है। सोमवार को आशाओं ने प्रदर्शन कर जल्द भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस संबंध में सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. ओमेंद्र राठौर ने बताया कि रुपये मांगे जाने की बात निराधार है। विभिन्न मदों में एक-एक हजार रुपये आए हैं। एएनएम से सत्यापित कराने के बाद भुगतान कर दिया जाएगा। आशाओं की समस्या के निदान के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई गई है।