शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम में शनिवार को गुरु पूजन के साथ ‘मुमुक्षु महोत्सव’ की शुरुआत हो गई। महोत्सव तीन मार्च तक चलेगा और इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम होंगे। पहले दिन राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश के अमरकंटक से आए महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती ने स्वामी शुकदेवानंद सरस्वती की प्रतिमा का अभिषेक एवं पूजन किया। गढ़ के स्वामी सर्वेश्रानंद सरस्वती, देवभूमि हरिद्वार से स्वामी अभेदानंद व स्वामी धर्मानंद ने भी पूजा-अर्चना की।
इसके बाद एसएस कॉलेज में वाणिज्य संकाय की ओर से ‘भारत में बौद्धिक संपदा अधिकार कानून और व्यवहार के उभरते हुए मुद्दे’ शीर्षक पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। इसमें उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि शक्ति का स्वरूप अब इंसान में परिवर्तित हो गया है। वह बौद्धिक संपदा के एकीकरण, अहंकार रहित विद्या का ज्ञान के रूप में इस ब्रह्मांड को प्राप्त है। प्रयागराज के एसपीएम कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. मंजुला सिंह ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी बौद्धिक संपदा का दुरुपयोग करता है, वह कभी भी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक रूप से उन्नति नहीं कर सकता।
आर्य महिला डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. रानी त्रिपाठी ने कहा कि बौद्धिक संपदा दो दैवीय और असुर संपदा में विभाजित है। दैवीय संपदा हमेशा राष्ट्र में सुख और समृद्धि का सूचक होती है। एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके आजाद ने कहा कि हाल ही में भारत ने अपने समग्र अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा स्कोर में 38.4 से 38.6 प्रतिशत तक सुधार किया है। इसके परिणामस्वरूप सूचकांक में 55 देशों में से 43वें स्थान पर है।
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पुस्तक का किया विमोचन, छात्र-छात्राएं व शिक्षक सम्मानित
- अतिथियों द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार पर प्रकाशित पुस्तक व बीबीए की शिक्षिका महिमा सिंह की %%स्पर्श%% पुस्तक का विमोचन किया। वाणिज्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉ. केके वर्मा का सम्मान हुआ। 13 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
दो तकनीकी सत्र चले
- संगोष्ठी में दो तकनीकी सत्र चलें। प्रथम सत्र में बरेली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. तूलिका सक्सेना, अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. रुचि द्विवेदी, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. आरएन सिंह, डॉ. वेदप्रकाश, डॉ. श्रवण कुमार सिंह तथा द्वितीय सत्र में बरेली कॉलेज बरेली के वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह, डॉ. पंकज यादव, डॉ. दयाराम, प्रोफेसर मंजुला सिंह, डॉ. जगदीश कुमार वर्मा आदि रहे।
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30 शोध पत्र पढ़े गए
- दोनों तकनीकी सत्रों में लगभग 30 से अधिक शोधपत्र पढ़े गए। इनमें सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र बीकॉम की छात्रा आद्रिका रस्तोगी का रहा। आस्था मिश्रा, शिवांगी गुप्ता के शोध पत्रों को बेस्ट पेपर अवार्ड मिला। इसमें 30 से अधिक रिसर्च पेपर पढ़े गए।
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ये लोग रहे मौजूद
- डॉ. अनुराग अग्रवाल के संचालन तथा डॉ. केके वर्मा के संयोजन में आयोजित संगोष्ठी में डॉ. कमलेश गौतम, डॉ. प्रभात शुक्ला, डॉ. सुशील शुक्ला, हर्ष पाराशरी, राजेंद्र सिंह राजपूत, डॉ. देवेंद्र सिंह, डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. अजय कुमार वर्मा, डॉ. सचिन खन्ना, डॉ. संतोष प्रताप सिंह, ब्रजलाली, अपर्णा त्रिपाठी, प्रकाश वर्मा, प्रतिक्षा मिश्रा, डॉ. रूपक श्रीवास्तव, यशपाल कश्यप, देव सिंह, दिव्यांश मिश्रा, प्राची मिश्रा, स्नेहा सिंह, आर्ची मिश्रा आदि मौजूद रहे।
स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित शिक्षक । संवाद
स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित शिक्षक । संवाद