शाहजहांपुर। गत वर्ष मलेरिया और डेंगू की विकराल स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतना शुरू कर दी है। संचारी रोगों से निपटने और मच्छराें और लार्वा को खत्म करने के लिए केमिकल का सहारा लिया जाएगा। केमिकल से भीगा सुतली का गोला तालाब में डालकर मच्छराें से निपटने की कवायद की गई। ग्राम स्तर तक कार्यवाही के लिए ऑनलाइन बैठक कर सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया।
बाढ़ का पानी खत्म होने के बाद डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा मंडराने लगा है। डॉक्टरों का मानना है कि ठहरे पानी के चलते डेंगू और मलेरिया विकराल रूप धारण कर सकता है। रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खाका तैयार कर लिया। मुख्यालय से पांच हजार किलो अल्फा साइप्रो मैक्सीन केमिकल जिला मलेरिया रोग विभाग को प्राप्त हो गया। प्रत्येक ब्लॉक को 25 किलो केमिकल का आवंटन कर दिया गया। केमिकल के जरिये मच्छरों और लार्वा को खत्म किया जाएगा। संचारी रोग अभियान के नोडल अधिकारी डॉ.पीपी श्रीवास्तव बताते हैं कि आबादी बहुल गांव में स्थित तालाब में केमिकल से भीगे सुतली के गोले डाले जाएंगे। गोले तालाब के निचली सतह पर जाकर बैठ जाएंगे। उससे तालाब के मच्छरों व लार्वा खत्म होने से मलेरिया और डेंगू रोग नहीं फैल सकेगा।
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गत वर्ष प्रभावित गांवों पर पहले होगा काम
-पिछले साल डेंगू और मलेरिया ने कहर बरपाया था। काफी लोगों की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने उन गांवों को पहले चिह्नित किया है, जहां अधिक रोगी मिले थे। वहां के तालाब में पहले केमिकल डालने की तैयारी है। ऐसे तालाबों की सूची भी तैयार कर ली गई। उसके बाद अन्य जगहों पर काम को शुरू कराया जाएगा।
-बाढ़ के कारण कार्य को शुरू नहीं कराया गया था। मलेरिया अधिकारी से वार्ता कर जल्द जल्द ही मलेरिया और डेंगू से निपटने के लिए काम को शुरू कराएंगे।
डॉ.आरके गौतम, सीएमओ