मानसून की झमाझम बरसात का दौर सोमवार तीसरे दिन भी जारी रहा। सुबह के समय हुई बरसात से दिन का तापमान भी 2.6 डिग्री लुढ़क गया। मगर बाद में धूप निकलने से वातावरण की नमी उमस में बदल गई। रविवार देर रात से आसमान पर घुमड़ती काली घटाओं ने बारिश का संकेत दे दिया था। आधी रात के बाद बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकने लगी। इसी के साथ बूंदाबांदी का शुरू हो गई और कुछ ही देर बाद तेज बारिश होने लगी। भोर होने पर कुछ देर को बरसात थमी, लेकिन रिमझिम फुहारें आठ बजे के बाद तक गिरती रहीं। सुबह दस बजे के बाद तक बादल छाए रहने से मौसम सुहावना रहा, लेकिन बाद में धूप निकलते ही लोग उमस और गर्मी से बेहाल होने लगे। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सोमवार को 51 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इसे मिलाकर जुलाई माह में अब तक 104 मिमी बारिश हो चुकी है। उन्होंने चालू माह में करीब तीन सौ मिमी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है।