फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ महीने में 501 सड़क हादसे, 217 लोगों की चली गई जान

सार

जिले में सड़क हादसों पर विराम नहीं लग पा रहा।जिले की सड़कों पर दौड़ रहे वाहन लोगों की जान ले रहे हैं।सरकार व संस्थाओं के प्रचार-प्रसार के बाद भी लोग हेलमेट लगाने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शाहजहांपुर। जिले में सड़क हादसों पर विराम नहीं लग पा रहा। कहीं तेज रफ्तार तो कहीं नियमों की अनदेखी के कारण हादसे हो रहे हैं। जिले के ब्लैक स्पॉट भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल अगस्त तक 217 लोगों की जान चली गई।
विज्ञापन

जिले की सड़कों पर दौड़ रहे वाहन लोगों की जान ले रहे हैं। तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी हादसों का प्रमुख कारण बन रही हैं। सरकार व संस्थाओं के प्रचार-प्रसार के बाद भी लोग हेलमेट लगाने को तैयार नहीं है। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने से गुरेज करते हैं। वहीं रफ्तार पर नियंत्रण न होने के कारण दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं। शहर से लेकर देहात तक यातायात नियमों को तोड़ा जा रहा है। यही वजह है कि इस साल में अगस्त तक 501 हादसे हुए। इसमें 335 लोग घायल हुए, साथ ही 217 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जिले के ब्लैक स्पॉट भी काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। यहां भी हर रोज हादसे होना आम बात हो गई।
पिछले वर्ष 362 लोगों की गई थी जान
वर्ष 2021 की बात करें तो पूरे साल में 677 हादसे हुए थे। इसमें 362 लोगों ने अपनी जान गवां दी थी। 365 लोग घायल हुए थे। इसी तरह वर्ष 2020 में 667 घटनाएं हुई। इसमें 342 लोगों की जान गई और 431 लोग घायल हुए।
विज्ञापन

ये हैं नेशनल हाईवे पर ब्लैक स्पॉट
-रोजा में जमुका तिराहा
-रामचंद्र मिशन क्षेत्र में हरदोई चौराहे के आसपास
-तिलहर में नगरिया मोड़
-कटरा में खैरपुर के आसपास
राज्य मार्ग पर छह खतरनाक स्थान
-जलालाबाद में कोलागांव से कोला मोड़ तक
-मिर्जापुर में जरियनपुर मोड़
-अल्हागंज में हुल्लापुर के आसपास
-कांट में ददरौल मोड़ और जमौर मोड़
-निगोही में मिश्रीपुर।
ये भी जानें
-45 से 50 बाइक सवारों की जान हेलमेट नहीं लगाने के कारण चली गई
-15 से 20 लोग ट्रिपल राइडिंग के कारण अपनी जान गवां बैठे।
-----------
पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। लोगों को सीट बेल्ट व हेलमेट के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल हादसों में कमी आई। लोग यातायात नियमों का पालन करते हुए सफर करें तो हादसे की आशंका कम रहती है। - अखंड प्रताप सिंह, सीओ ट्रैफिक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें