शाहजहांपुर। अजीजगंज में गर्रा नदी पर नया पुल 30 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। पुल की लंबाई दो सौ मीटर और चौड़ाई 7.30 मीटर होगी। पुल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलते ही शहर को नए पुल की सौगात मिल जाएगी।
राजघाट को शहर का प्रवेश द्वार माना जाता है। इससे पहले गर्रा नदी पर बने पुल के जर्जर होने पर नया पुल बनाया गया था। बसपा शासनकाल में मंजूर हुआ यह पुल 2015 में बनकर तैयार हो गया था। इस पुल के बनने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। वर्तमान में गर्रा नदी के दूसरी ओर लगातार आबादी और व्यावसायिक गतिविधि बढ़ने से वाहनों का बोझ इस पुल पर काफी बढ़ गया है। वाहनों की संख्या बढ़ने से अक्सर यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। लोदीपुर में खन्नौत नदी पर दूसरा पुल बनने के बाद अजीजगंज में गर्रा नदी पर दूसरे पुल की मांग उठने लगी थी। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद की पहल पर सेतु निगम ने नए पुल के लिए सर्वे का काम शुरू किया। सर्वे के बाद डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक, इस पुल के निर्माण में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पुराने पुल के समानांतर बनने वाले इस पुल की लंबाई दो सौ मीटर रखी जाएगी। वाहनों के गुजरने के लिए चौड़ाई 7.30 रहेगी। पुल पर फुटपाथ भी बनेगा। माना जा रहा है कि प्रस्ताव को लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही स्वीकृति मिल सकती है। वरना तीन-चार महीने तक स्वीकृति मिलने की कार्यवाही टल सकती है। अगर आचार संहिता लगने से पहले निर्माण की स्वीकृति मिल गई तो एक साल के अंदर पुल बनाकर तैयार कर दिया जाएगा।
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अतिक्रमण के कारण संकरी हुई सड़क
नया पुल बनने के बाद पुराने जर्जर पुल पर वेंडिंग जोन बना दिया गया था। हालांकि, वेंडिंग जोन में दुकानें नाममात्र की ही लगती हैं। अधिकतर दुकानें पुल के किनारे सड़क पर ही लगती हैं। यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। अतिक्रमण के कारण अच्छी-खासी चौड़ी सड़क भी संकरी हो गई है। पास में ही राजघाट पुलिस चौकी है मगर कोई कार्रवाई नहीं होती। नगर निगम भी आंखें मूंदे रहता है।
सुगम होगा यातायात, जाम से मिलेगी मुक्ति
गर्रा पुल के एकल पुल से भारी यातायात गुजरने से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज जाने वाली एंबुलेंस को भी जाम में फंसना पड़ जाता है। पुल पर किसी वाहन के खराब होने पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। पुल के बन जाने से एकल यातायात व्यवस्था लागू हो जाएगी जिससे जाम लगने की संभावना कम से कम हो जाएगी।
गर्रा पुल की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
केएन ओझा, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम