परिवहन संबंधी दिक्कतों के कारण कई समितियों पर नहीं पहुंच सकी खाद
शाहजहांपुर। रबी सीजन के दौर में डीएपी को लेकर किसानों में मची मारामारी के हालात मंगलवार से सुधरने की उम्मीद है। गुजरात से चली 2544 टन डीएपी की नई रैक आज रोजा रेलवे साइडिंग पर पहुंच जाएगी। अधिकारियों ने उसका वहीं से सीधे जनपद की पैक्स समितियों, सहकारी गन्ना समितियों, इफको केंद्रों और एग्रो केंद्रों के लिए उठान करा दिया है। हालांकि, परिवहन संबंधी दिक्कतों के कारण पुवायां, तिलहर और कलान तहसील की कई समितियों पर डीएपी की नई खेप आज नहीं पहुंच सकी।
सहायक निबंधक (सहकारी समितियां) प्रवीण कुमार ने बताया कि सहकारिता विभाग की 101 पैक्स समितियों और उन सभी गन्ना सहकारी समितियों को 400-400 बोरी डीएपी भेजी गई है। इसी तरह पुवायां तहसील के चारों इफको बिक्री केंद्रों को दो-दो हजार बोरी डीएपी भेजी गई है। उन्होंने बताया कि इफको को अलग से 400 टन और यूपी एग्रो के बिक्री केंद्रों को 30 टन डीएपी सुलभ कराई गई है। सहकारी गन्ना समितियों को भी 100 टन डीएपी कोटा जारी हुआ है। एआर के अनुसार चार अन्य पैक्स समितियों से चेक मिलने पर उन्हें भी डीएपी का आवंटन कर दिया जाएगा।
तिलहर। तिलहर ब्लॉक में लखोहा समेत बतलैया, राजनपुर, पहरा सलेमपुर, खंडसार और डंडिया, समधाना आदि गांवों में साधन सहकारी समितियां हैं। कुल पांच समितियां यहां पर स्थित हैं। वहां एक सप्ताह से किसान खाद को चक्कर काट रहे हैं। बतलैया सोसाइटी पर ताला पड़ा मिला। बरामदे में बीएलओ की ड्यूटी कर रहे युवक ने बताया कि समिति के सचिव क्रय केंद्र की ड्यूटी पर गए हैं। उधर राजनपुर साधन सहकारी समिति में सचिव हरपाल गोदाम बंद किए बैठे हुए मिले। बताया कि खाद अभी आई नहीं है, आने पर मिलेंगी। इस दौरान गोदाम पर मौजूद किसान सुरेश ने आरोप लगाया कि खाद ब्लैक की जा रही है।