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Shahjahanpur News: बाढ़ से 18 गांव बने टापू, नाव से पहुंचाया भोजन और पानी

Sat, 13 Jul 2024 04:18 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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बाढ़ पीड़ितों को भोजन वितरित करते लेखपाल कुमार गौरव और प्रधान रामकिशोर। स्रोत प्रशासन
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तिलहर। नदियों का जलस्तर शुक्रवार को न बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, तिलहर-निगोही मार्ग पर गांव रटा और बिरसिंहपुर के समीप सड़क पर पानी आ जाने से शुक्रवार को भी सड़क पर आवागमन बंद रहा। प्रशासनिक स्तर पर और समाजसेवी संगठनों ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत सामग्री मुहैया कराई है। टापू बने गांव धीमर गौहटिया, ढकिया रघा और रटा में तहसील प्रशासन की ओर से लेखपाल कुमार गौरव और ग्राम प्रधान रामकिशोर ने पीड़ितों को भोजन सामग्री वितरित की है।
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क्षेत्र में गर्रा, कठिना, बहगुल और रामगंगा नदियों में बाढ़ से तहसील के लगभग तीन दर्जन गांव प्रभावित हैं। गांव ढकिया रघा, धीमर गौहटिया, बिरसिंहपुर, हजरतपुर, प्रहलाद विट्ठलपुर, अजमाबाद, बिहारीपुर, चिती लोदी उर्फ घनश्यामपुर, रटा, बरहा मोहव्वतपुर, विक्रमपुर चकोरा, जिकरीपुर, ब्लॉक खुदागंज के गांव गाजीपुर, म्यूना, मुंडी, बमियाना, हरबंशपुर, रहीमपुर, भूलखेड़ा, गौरीखेड़ा, इटौआ, जैतीपुर ब्लॉक के गांव बस्ती नगला, खूबपुर, घसा कल्याणपुर, मड़ई, रपड़िया नवादा, कल्याण नगला पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में है।

तहसीलदार जयप्रकाश यादव और नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी ने बताया कि शुक्रवार को जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से शुक्रवार को जैतीपुर ब्लॉक के गांव लोहरगढ़ी, मरैना, रुदपुर, कुबेर गौहटिया, जौंरापट्टी और डभौरा गांव का तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने दौरा कर बाढ़ चौकियों पर तैनात राजस्व कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह लोधी तमाम कार्यकर्ताओं के साथ गांव जिकरीपुर सहित अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वयं नाव चलाकर पहुंचे और लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए।
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16 वर्षों के बाद बाढ़ ने मचाई तबाही

वर्ष 2007-08 में बाढ़ से तिलहर-निगोही मार्ग कट गया था। इस दौरान शाहजहांपुर में भी बरेली मोड़ पर हाईवे पर पानी चलने लगा था, तब भी बाढ़ से तमाम गांवों के लोग प्रभावित हुए थे। 16 वर्षों के बाद फिर से बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। फसलें नष्ट हो गईं हैं और घरों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। बाढ़ से पशुओं के चारे की समस्या विकराल हो गई है। गांव में पानी घुसने से भूसा बह गया है। सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न होने से चारा नहीं मिल पा रहा है।





शुक्रवार को बाढ़ के पानी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। गांवों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित राजस्व टीम लगाई गई है। एक स्टीमर और कुछ नावों के सहारे बाढ़ पीड़ितों की सहायता की जा रही है। अभी तक कोई भी पशु और जन हानि की सूचना नहीं है। बाढ़ पीड़ितों को भोजन और राहत सामग्री दी जा रही है।
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अंजलि गंगवार, एसडीएम तिलहर

बाढ़ पीड़ितों को भोजन वितरित करते लेखपाल कुमार गौरव और प्रधान रामकिशोर। स्रोत प्रशासन

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