ददरौल (शाहजहांपुर)। ददरौल के गांव मोहउद्दीनपुर में कुमारी ज्ञानेंद्री ने भक्तों को श्रीराम कथा का अमृतपान कराया। उन्होंने कहा कि प्रभु की शरण में जाने से व्यक्ति के संपूर्ण पाप नष्ट हो जाते हैं। भगवान की कृपा से जीवन सुखमय हो जाता है। संसार में जब-जब अत्याचार अनाचार और अन्याय चरम सीमा को पार कर जाता है। धर्म कमजोर होने लगता है। तब भगवान श्री विष्णु किसी न किसी रूप में अवतरित होकर जगत का कल्याण करते हैं। इतिहास इस बात का साक्षी है कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर अवतार लिया। प्रकार भगवान सदैव अपने भक्तों की उस तरह से रक्षा करते आए जैसे एक मां अपने बालक की सुरक्षा के लिए हर पल तत्पर रहती है। इसलिए श्रद्धालु श्रद्धा भाव से उनका स्मरण करता है। उसके लिए सदैव क्षीरसागर को छोड़कर दौडे़ चले आते हैं। इसलिए मनुष्य को सदैव परमात्मा का स्मरण करते रहना चाहिए।