शाहजहांपुर। तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि की वजह से किसानों की फसल को हुए नुकसान का सर्वे पूरा हो गया, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार सुबह तक आ जाएगी। सर्वे टीम ने फौरी तौर पर 10 फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया है। जबकि, किसान इससे अधिक क्षति की बात कह रहे हैं।
शनिवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई थी। इससे किसानों की फसल खेतों में बिछ गई थी। रविवार को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जल्द सर्वे का कार्य पूरा कर किसानों को मुआवजा मुहैया कराने के निर्देश के बाद ब्लॉक स्तर पर सोमवार को फसलों का सर्वे हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक ओलावृष्टि से कांट, जलालाबाद और कलान तहसील प्रभावित हुुई। नुकसान का सर्वे करने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गठित की गई थी।
वहीं, मिर्जापुर क्षेत्र के गांव अतरी निजामपुर निवासी अमर सिंह की शनिवार सुबह खेत पर बिजली गिरने से मौत हो गई थी। अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव चौराखुर्द में खेत से लौट रहे रामसुमिरन के 14 वर्षीय बेटे शिवम की बिजली गिरने से मौत हो गई थी। दैवीय आपदा के तहत दोनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट आपदा मुख्यालय में भेज दी है।
30 प्रतिशत नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
किसानों की फसल 30 प्रतिशत बर्बाद होने पर प्रशासन मुआवजा मुहैया कराएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती आकलन से ऐसा लग रहा है कि आठ से दस प्रतिशत ही फसल को नुकसान पहुंचा है।