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अस्पताल में दो महीने में निकले 107 डेंगू के मरीज, सरकारी आंकड़ों में मात्र 34

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शाहजहांपुर। जिले में डेंगू ने रफ्तार पकड़ ली है। डेंगू के हर दिन नए मरीज सामने आने के बाद भी सरकारी आंकड़ों में मरीजों की संख्या काफी कम है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सितंबर और अक्तूबर महीने में 1527 मरीजों की जांचों में 107 में डेंगू की पुष्टि हुई। जबकि स्वास्थ्य विभाग जनवरी से अब तक 34 मरीज जिले में होने की बात कह रहा है।
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वायरल बुखार के साथ ही मलेरिया और डेंगू ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिए हैं। दिवाली के बाद से अचानक से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर दिन आने वाले करीब ढाई हजार मरीजों में आठ से नौ सौ मरीज वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। मरीजों के चलते बेड तक फुल हो गए हैं। वायरल मरीजों के संदिग्ध नजर आने पर उनकी डेंगू की जांच कराई जाती है। अस्पताल की लैब में सितंबर महीने में पहला डेंगू का मरीज मिला था। इसके बाद हर दिन 50 से अधिक डेंगू की जांच कराई गई। प्रतिदिन दो से तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सितंबर व अक्तूबर में 1527 मरीजों की जांच में 107 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया। शेष को घर में रहकर इलाज की सलाह दी जाती है।
तीन नए मरीज आए सामने, संख्या हुई 34
स्वास्थ्य विभाग की फाइलों में जनवरी से अब तक मात्र 34 केस ही दर्ज किए हैं। इसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को कराए 20 सैंपल में पॉजिटिव निकले तीन केस भी शामिल हैं। विभाग आंकड़ों में खेल करने में जुटा है।
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दिवाली के बाद से बढ़े मरीज
दीपावली के पहले डेंगू के मरीजों की संख्या काफी कम थी। दिवाली के त्योहार पर दिल्ली, गुड़गांव, नोयडा से लोगों के लौटने के बाद केसों में इजाफा हुआ है। त्योहार पर घर आए बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच कराई तो उनमें डेंगू की पुष्टि हुई। उसके बाद ही केसों की संख्या बढ़ने लगी।
प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज, लैब भी कर रही जांच
स्वास्थ्य विभाग की सीएचसी पर किट के माध्यम से जांच की सुविधा दी गई। उसके बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में एलाइजा जांच कराने की सलाह दी जाती है। इसी तरह शहर की करीब आठ लैबों से भी दो से चार मरीज हर दिन जांच कराने पर उनमें डेंगू की पुष्टि हो रही है। डॉ. सोमशेखर दीक्षित ने बताया कि तीन से चार मरीज उनके अस्पताल में डेंगू के भर्ती हैं।
बाराकलां में हो चुकीं मौतें, विभाग मानने को तैयार नहीं
कलान के बाराकलां में बुखार आने के बाद प्लेटलेट्स कम होने पर पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकतर को बरेली व बदायूं में भर्ती कराया गया। परिजन डेंगू से मौत होने की बात कह रहे हैं। उसके बाद भी विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं किया गया।
यह रखें सावधानी
घर के आसपास जलभराव न होने दें।
झाड़ियों और नालियों को साफ सुथरा रखें।
ठहरे हुए पानी में जला मोबिल या मिट्टी का तेल डालें।
घर के दरवाजे और खिड़की पर मच्छर रोधक जाली लगाएं।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
पूरी आस्तीन के कपड़े पहने।
कूलर, फ्रिज, एसी को सप्ताह में साफ करें।
अपने घर की छतों पर टूटे-फूटे बर्तन, पाइप टायर आदि न डालें।
गमलों और फूलदानों को भी साफ स्वच्छ रखें।
डेंगू के मरीजों की जांच की जा रही है। अभी तक 34 केस सामने आ चुके हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में निकलने वाले अधिकतर मरीज दूसरे जिलों के हैं। इसलिए उन्हें यहां की संख्या में शामिल नहीं किया गया। - डॉ. सूर्यप्रकाश गंगवार, जिला मलेरिया अधिकारी
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