संतकबीरनगर। तेज धूप और गर्मी का असर सिर्फ लोगों पर नहीं, फसलों पर भी पड़ा है। सब्जी के पौधे सूखने लगे हैं। इससे पैदावार करीब 50 फीसदी तक कम हो गई है। पैदावार कम होने से बाजार में हरी सब्जियाें के दाम आसमान छूने लगे हैं। महज 15 दिनों में हरी सब्जियों की कीमतें तीन गुना तक महंगी हो गई हैं।
जिले में डेढ़ महीने से प्रचंड गर्मी का असर बना हुआ है। पारा लगातार 42 से 44 सेल्सियस तक बना हुआ है। ऐसे में मौसम में न सिर्फ जनजीवन प्रभावित है, बल्कि सब्जियों के पैदावार पर भी असर पड़ा है। स्थिति यह है कि मौसमी सब्जियां भी आसानी से नहीं मिल रही हैं। जो सब्जियां इन मौसम में 10 रुपये किलो मिल जाती थीं, उनकी कीमत आज 30 रुपये हो गई है।
सब्जियों के दाम में बेतहाशा वृद्धि से गृहणियों के रसोई का बजट भी बढ़ गया है। लोगों की थाली से हरी सब्जियां गायब होने लगी हैं। आलू, प्याज जैसी सब्जी के दाम तो पहले से ही रूला रहे हैं। लेकिन अब हरी सब्जियों भी आंखें तरेर रही हैं। मौसम सब्जियां भी बजट से बाहर हो चली है। पिछले पखवाड़े में जिन सब्जियों के दाम 10 रुपये किलो थे, अब उनका दाम 30 रुपये तक पहुंच गए हैं। सब्जी के दामों में रोजाना वृद्धि देखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र से सब्जियां शहर में लाई जाती हैं और बेची जाती हैं। सब्जी विक्रेता चैतू ने बताया कि मंडी में सब्जी आवक बहुत ज्यादा नहीं है। इसकी वजह से सब्जियों के दाम बढ़े हैं।
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सब्जियों के भाव प्रति किलो
सब्जी - अब पहले
टमाटर 40 25
आलू 35 25
खीरा 80 30
लौकी 40 15
प्याज 35 25
भिंडी 60 40
करेला 60 40
पत्ता गोभी 60 30
अदरक 125 100
नेनुआ 60 30
परवल 60 40
नोट: 15 दिन पहले की सब्जियों के दाम