मगहर स्थित संतकबीर की समाधि के एक पुजारी पर चंदौली स्थित कबीर मठ की ही एक महिला संत ने 15 साल पहले शादी करके साथ न रखने और चार महीने का गर्भ गिरवाने का आरोप लगाया है। हालांकि महिला ने पुलिस में इसकी शिकायत नहीं की है, लेकिन मगहर कबीर मठ के प्रमुख ने इन शिकायतों के बाद आरोपी पुजारी को मठ से निकाल दिया है।
शनिवार को महिला संत भी मगहर रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने के इरादे से पहुंची थी, लेकिन वहां लोगों उसे ऐसा नहीं करने दिया। उसके बाद से महिला संत भी लापता है। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे मगहर स्टेशन के पूर्वी छोर पर एक महिला संत के वेष में अकेले बैठी थी। उन्हें देख यात्रियों को कुछ अजीब सा लगा तो उन्होंने स्टेशन मास्टर को सूचना दी।
सभी लोग उनके पास पहुंचे और उनसे बातचीत की, तो वह फफक पड़ीं और अपने साथ हुई ज्यादती की बात बयां करने लगीं। महिला संत के अनुसार, चंदौली की रहने वाली है। उसका परिवार कबीर पंथी है। इसीलिए विभिन्न कबीर मठ में आना-जाना था। शादी के बाद उसके पति से उनकी नहीं बनी और पति ने छोड़ दिया। उसके बाद वह चंदौली स्थित रसिया साहबगंज मठ में ही रहने लगीं।
महिला संत के अनुसार, करीब 15 साल पहले मगहर आई थी। उसी दौरान उनकी पहचान यहां के एक पुजारी से हुई, जिससे उनकी करीबी बढ़ गई और कुछ महीनों बाद दोनों ने शादी कर ली। कोरोना काल के बाद वह मठ छोड़ कर फिर परिवार के पास ही रहने लगीं।
वहां से वह अक्सर मगहर आने लगीं और तीन-चार दिन रहकर चली जातीं। इसी बीच वह गर्भवती हो गईं। जब उन्होंने यह बात पुजारी को बताई तो उन्होंने संत होने और समाज की बात कहते हुए उनका चार महीने का गर्भ गिरवा दिया। वह उनसे प्रेम करती हैं इसलिए उन्होंने विरोध नहीं किया।
महिला संत के अनुसार, करीब दो हफ्ते पहले वह मगहर आई थी। करीब एक हफ्ते वह यहां रहीं, लेकिन उसके बाद पुजारी उन्हें यहां से जाने के लिए कहने लगे। वह अब उनके साथ ही रहना चाहती हैं। इसलिए उन्होंने जाने से मना कर दिया। मगर पुजारी ने उन्हें जबरन वहां से भगा दिया।
वह तब से इधर-उधर भटक रही थीं। इसी बीच शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह अचानक आत्महत्या का विचार लेकर मगहर स्टेशन पहुंच गई, जहां लोगों के बीच बचाव के बाद वह मान गईं।
उधर, आरोपी पुजारी का कहना है कि मुझे फंसाने की साजिश रची गई है।
सारे आरोप गलत हैं। घटना की जानकारी होने पर कोतवाली निरीक्षक ने कबीर चौरा पहुंचकर दोनों संतो के बारे में जानकारी प्राप्त की। हालांकि उनका कहना है कि किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। अगर शिकायत आएगी तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
महंत विचार दास, कबीर चौरा ने बताया कि पुजारी व महिला संत के बीच क्या संबंध है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। दोनों के बीच विवाद के बाद मामला संज्ञान में आते ही दोनों संतों को कबीर मठ छोड़ कर चले जाने को कह दिया गया है।