धनघटा। महुली क्षेत्र के कढुई गांव में मंगलवार की भोर में शौचालय में संदिग्ध हाल में लगी आग से झुलसकर महिला की मौत हो गई। शौचालय के लोहे का फाटक अंदर से बंद था। बताया जाता है कि बच्चेदानी के ऑपरेशन के तीन माह बाद भी होने वाले दर्द से आजिज आकर विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। पुलिस की जांच में मामला आत्महत्या का बताया गया। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर पुलिस की नजर टिकी है।
कढुई गांव निवासी सत्यनाम यादव की 35 वर्षीय पत्नी सत्यभामा मंगलवार की भोर चार बजे घर की छत पर बने शौचालय में गई थीं। शौचालय के पास पूर्व से ही उपला (कंडी) सहित कुछ सामान रखा था। ग्रामीणों ने बताया कि रहस्यमय हाल में शौचालय कक्ष में आग लग गई और धुआं उठने और छत की दीवार फटने की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग वहां पहुंचे। सत्यभामा के पति भी छत पर गए। ग्रामीणों के मुताबिक, शौचालय कक्ष का लोहे का फाटक अंदर से बंद था। फाटक तोड़ा गया तो अंदर आग की लपट और धुआं ही दिखाई दे रहा था।
इसकी सूचना लोगों ने महुली पुलिस को देते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ी भेजने की मांग की। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया। उसके बाद अंदर देखने पर सत्यभामा का झुलसा शव मिला। पति सत्यनाम यादव ने बताया कि बीते नौ फरवरी को पत्नी सत्यभामा की बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। उस कारण वह दर्द से परेशान रहती थीं। वह धनघटा क्षेत्र के कटार मिश्र गई थीं। रविवार की शाम वह आई थीं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ संतोष मिश्रा के मुताबिक, मृतका की मां ने बताया कि बेटी को दो ऑपरेशन हुए थे, जिसकी वजह से रीढ़ की हड्डी और कमर में दर्द रहता था। इससे बेटी परेशान रहती थी। उसी वजह से बेटी ने खुद आग लगाकर आत्महत्या कर ली। वैसे पोस्टमार्टम से मौत का कारण पता चलेगा और फिर जैसी स्थिति होगी, वैसी कार्रवाई की जाएगी।