निर्वाचन आयोग ने दिए हैं 12 विकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार मतदाता फोटो पहचानपत्र के विकल्प के संबंध में प्रतिरूपण को रोकने के मद्देनजर मतदान के समय मतदाता को पहचान सिद्ध करने के लिए वोटर आईडी प्रस्तुत करना होगा।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया है कि ऐसे मतदाता जो अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान बताने के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। बताया कि यदि कोई मतदाता फोटो पहचानपत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से जारी किया गया है, ऐसे एपिक भी पहचान स्थापित करने के लिए स्वीकृत किए जाएंगे, बशर्ते निर्वाचक का नाम, जहां वह मतदान करने आया है, उस मतदेय स्थल से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध होना चाहिए।
फोटोग्राफ आदि के बेमेल होने के कारण मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना सम्भव न हो, तब मतदाता को वैकल्पिक फोटो दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा। डीएम ने बताया कि मतदाता सूचना पर्ची बीएलओ के माध्यम से मतदान तिथि से कम से कम पांच दिन पूर्व वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
12 पहचानपत्र दिखाकर कर सकेंगे मतदान
संतकबीरनगर। मतदान के समय 12 पहचान पत्र जिनमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक/डाकघर की ओर से जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्टकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अन्तर्गत आरजीआई की ओर जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचानपत्र, सांसदों, विधायकों व विधान परिषद सदस्यों की ओर से जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड में से कोई एक लाना होगा।