संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भारतीय न्याय संहिता लागू होने से कानून व्यवस्था पारदर्शी होने जा रही है। पुलिस को भी संगठित अपराध करने वालों के खिलाफ मजबूती से कार्रवाई करने का अधिकार है। अभ्यस्त अपराधियों के खिलाफ विवेचक धारा बढ़ाकर अधिकतम कार्रवाई कर सकेंगे।
जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि नए कानून के बारे में पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। बताया कि गैंगस्टर जैसी निरोधात्मक प्रक्रिया के तहत अभी तक पुलिस व प्रशासन के अफसरों के स्तर पर पत्रावली लंबित रहती थी। अब विवेचक ही गैंगस्टर जैसी कार्रवाई कर सकेंगे। संगठित अपराध में तीन नई धाराएं 111, 112 व 113 को लगाकर प्रभावी कार्रवाई का आधार बनाया जा सकता है। इनमें 111 धारा छोटे संगठित अपराध जैसे जुआ, सट्टा, चेन स्नेचिंग व जेब काटने वालों पर लगाई जाएगी तो 112 बडे संगठित अपराध जैसे लूट, डकैती, अपहरण, वाहन चोरी, हवाला, साइबर ठगी, फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर धोखाधड़ी आदि के आरोपियों पर लगाई जा सकेगी। धारा 113 आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों पर लगाई जाएगी।