- तहसीलदार बोले, जांच कर की जाएगी आवश्यक कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र में तेज हवा के बीच सिवानों से उठ रही आग की लपटों से बस्तियों के लिए खतरा बन चुका है। एक सप्ताह से क्षेत्र के सिवान में गेहूं के डंठल जल रहे हैं। इससे जहां पशु चारे के लिए भूसा बनाने की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहीं जिम्मेदार भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
धनघटा क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर सैकड़ों एकड़ गेहूं के डंठल जल चुके हैं। डंठल जलने का चल रहा सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के कटार मिश्र, माधोपुर, डेफरा, बैकुंठपुर, अहरा, मलौली, रूपिन, आदि सिवानों में लगी आग से सैकड़ों एकड़ गेहूं का डंठल जल गया। यह आग 24 घंटे बाद भी जलती रही। सिवान में चारों तरफ धुआं उठने से गांव के लोग भयभीत हैं। आग की लपटें बस्तियों के बीच पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
अग्निशमन दस्ते की गाड़ियां सिवानों में लगी आग बुझाने पहुंचती है। दूसरी तरफ गेहूं का डंठल जलने से भूसे का उत्पादन इस बार काफी कम हुआ है। आने वाले दिनों में पशु चारे की किल्लत से पशुपालन पर भी असर पड़ सकता है। मंगलवार को सुरैना गांव के उत्तर अचानक सिवान में आग लग गई। इससे छोटी रूपिन गांव के लोग सहम गए। आग की लपटें गांव की तरफ पहुंच रही थीं, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से बस्ती को जलने से बचा लिया गया।
इस संबंध में तहसीलदार योगेंद्र पांडेय ने बताया कि गेहूं के डंठल जलाने पर प्रतिबंध है। सिवानों में आग कैसे लग रही है, इसकी जानकारी कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।