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खतरे के निशान से एक मीटर 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है घाघरा नदी

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खतरे के निशान से एक मीटर 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है घाघरा नदी
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धनघटा। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से लोग सहम गए हैं। तीन दिन में नदी के जलस्तर में 65 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। नदी खतरे के निशान से अब एक मीटर 30 सेंटीमीटर नीचे है। घाघरा नदी का खतरे का निशान 79.850 मीटर पर है, जबकि नदी 78.550 मीटर पर बह रही है। गांव वालों का कहना है कि यदि नदी में इसी तरह की वृद्धि होती रही तो तीन से चार दिन के भीतर नदी बिडहर घाट पर खतरे के निशान को पार कर जाएगी। इससे नदी और एमबीडी बांध के बीच बसे गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
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बारिश शुरू हुई तो घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ना शुरू हो गया। नदी का पानी बढ़ने से तुरकौलिया नायक के पास चल रहे एमबीडी बांध का बोल्डर पिचिंग कार्य बंद हो गया है। सिंचाई विभाग बांध पर मंडरा रहे खतरे को देखकर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। शासन ने बांध को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी कार्य करने वाली कंपनियों से संपर्क करने के बाद उसकी जिम्मेदारी उन्हें दे दी है। मुंबई से आए कंपनी के कर्मी छह दिनों से कार्य प्रारंभ कर दिए हैं। 50 मीटर की लंबाई में जिओ ट्यूब में सरिया सीमेंट के साथ अन्य सामग्री को भरकर बांध पर लगाया जा रहा है। इस कार्य के लिए बाहर से मजदूर भी आए हैं, जो दिन-रात कार्य में लगे हुए हैं। क्षेत्र के हरिराम, अशोक कुमार, प्रदीप, मनोज आदि का कहना है कि सिंचाई विभाग के लोग यदि समय से कार्य पूर्ण कर लिए होते, तो इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। नदी के पानी में हो रही वृद्धि से बांध के दक्षिण बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। उधर, गायघाट दक्षिण की तरफ नदी धीरे-धीरे कटान भी कर रही है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि एमबीडी बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा।
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