घाघरा नदी उफान पर, दस गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
- संपर्क मार्ग हुए अवरुद्ध, प्रशासन ने लगाई 22 नावें
- जलमग्न हुई फसल, पशुओं के चारे का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रहा है। बाढ़ के पानी से जहां धनघटा तहसील के 22 गांव चपेट में हैं, वहीं दस गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। इसके साथ ही इन गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं। बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों को आने-जाने के लिए प्रशासन ने 22 नावें लगाए जाने का दावा किया है। चारों तरफ पानी भर जाने के कारण पशुओं को चारे का संकट उत्पन्न हो गया है।
घाघरा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण धनघटा तहसील क्षेत्र के ढोलबजा, गुनवसिया, चकदहा, सरैया, सियरकला, गायघाट दक्षिणी, आगापुर, गुलरिया, खालेपुरवा, सुअरहा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके साथ ही कंचनपुर, गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, साधू की कुटी, कमरिहा घाट, सियर तक जाने वाले संपर्क मार्गों पर पानी आ जाने से रास्ते बंद हो गए हैं।
गांव के लोगों को आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा नावें लगाई गईं हैं। क्षेत्र के निवासी बलिंदर, उदय राज, जगमोहन, श्रीराम, राम मोहन, भागवत, कन्हैया आदि का कहना है कि गांव में पानी घुस गया है। इसके बावजूद लोग अपने घरों में रहकर बाढ़ हटने की आस लगाए हुए हैं। सबसे बड़ी समस्या पशुओं को लेकर है। खेतों में चारों तरफ से पानी भर जाने के कारण हरा चारा का संकट खड़ा हो गया है। कई लोग अपने मवेशी को लाकर एमबीडी बांध पर बांधे हुए हैं।
तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि बाढ़ राहत केंद्र तिघरा में बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को रहने और खाने का व्यवस्था कर दिया गया है। लोगों को आने-जाने के लिए प्रभावित गांवों में 22 नावें लगाई गईं हैं। राजस्व विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहकर लोगों की मदद करने में जुटी हुई है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर 79.350 मीटर पर स्थिर हो गया है। उम्मीद है कि नदी का पानी अब घटने लगेगा। एमबीडी बांध पूरी तरह से सुरक्षित है कहीं पर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
पुलिया के पास हो रहा रिसाव
धनघटा। रामपुर मकदुमपुर बांध पर रामपुर बारहकोनी गांव के दक्षिण बनी पुलिया के पास पानी का रिसाव हो रहा है। नदी का पानी राम जानकी मार्ग की तरफ आने से रामपुर का रुपिया टोला बाढ़ के पानी से गिर गया है। ग्राम प्रधान अद्या यादव, रामस्वरूप, अंगद चौधरी, दयाराम, कल्पनाथ आदि का कहना है कि रामपुर गांव के दक्षिण बांध पर दो पुलिया स्थित है। पश्चिम वाली पुलिया का फाटक बहुत पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसे सिंचाई विभाग के लोगों ने ठीक नहीं किया। जिसके कारण घाघरा नदी का पानी बहुत ही तेजी के साथ रामपुर गांव की तरफ आ रहा है। पानी आने से राम जानकी मार्ग से लेकर बांध तक की फसल जलमग्न हो गई है। इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है।
गांव के लोगों का कहना है कि नायब तहसीलदार योगेश पांडेय लेखपाल के साथ आए और देख कर चले गए। उसके बाद भी रिसाव बंद किए जाने का कोई प्रबंध नहीं किया गया। दूसरी तरफ सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि पानी रिसाव होने का कारण मछली मारने वालों द्वारा फाटक खोला जाना था। फाटक को अब बंद कर दिया गया। बांध पर अब किसी भी पुलिया से रिसाव नहीं हो रहा है।