बैंक चौराहे के पास नपा ने बनवाया वाटर एडीएम मशीन।
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शहर में लगे वाटर कूलर सूखे, एटीएम भी नहीं दे रहे राहत
-लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए भटकने की मजबूरी
-मुखलिसपुर तिराहे पर लगने वाला वाटर एटीएम अधूरा
संतकबीरनगर। गर्मी के मौसम में नगर पालिका परिषद क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। शहर में लगाए गए अधिकतर वाटर कूलर सूख गए हैं तो वाटर एटीएम भी लोगों को राहत नहीं दे पा रहे हैं। मुखलिसपुर चौराहा के पास बन रहा वाटर एटीएम अधूरा पड़ा हुआ है। जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शहर में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके लिए नगर पालिका परिषद ने तीन स्थानों पर वाटर एटीएम की व्यवस्था की है। यहां एक रुपये का सिक्का डालकर पानी लिया जा सकता है। समय माता मंदिर के बगल में लगे वाटर एटीएम के पास ठेला खोमचे वालों का ऐसा अतिक्रमण है कि वह दिखाई ही नहीं देता। लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले के पास लगा वाटर एटीएम चालू तो है, लेकिन यहां लोगों को ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मुखलिसपुर चौराहे की है, यहां लगा वाटर एटीएम शुरू ही नहीं हो सका है। यह अभी अधूरा पड़ा है। कारण यह है कि इसके ऊपर से ओवरब्रिज गया है। ऐसे में सेतु निगम ने इस पर यह कहते हुए आपत्ति लगा दी है कि इससे ओवरब्रिज का फाउंडेशन कमजोर होगा। ऐसे में इसके आसपास रहने वाले लोग स्वच्छ पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। इसके साथ ही शहर के 11 स्थानों पर वाटर कूलर लगाए हैं, लेकिन वर्तमान में एक को छोड़कर कोई भी वाटर कूलर काम नहीं कर रहा है। कहीं टोटियां गायब हैं तो कहीं मशीन खराब हैं। मेंहदावल बाईपास सहित अन्य जगहों पर सिर्फ ढांचा ही बचा है। शहर के निवासी सुनील कुमार ने कहा कि वाटर कूलरों की खराबी और वाटर एटीएम फेल होने से स्वच्छ पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। महेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मुखलिसपुर चौराहे पर वाटर एटीएम लगाने के बाद उम्मीद थी कि लोगों को स्वच्छ व शीतल पानी मिलेगा, लेकिन यह आस टूट गई है। धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि वाटर कूलरों को ठीक कराने के साथ एटीएम को सही ढंग से चलाए जाने की व्यवस्था करनी चाहिए। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेश मौर्य का कहना है कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। डाक बंगला के सामने एटीएम ठीक हो गया है। इसके साथ ही अन्य स्थानों पर भी वाटर कूलर लगाए गए हैं। साथ ही जलापूर्ति के जरिए भी लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।