संतकबीरनगर/धनघटा। मतदान की आखिरी रात में वोटर की रखवाली में प्रत्याशी और उनके समर्थक जुटे रहे। एक- एक वोट की ऐसी अहमियत तो सिर्फ प्रधानी के चुनाव में होती थी, लेकिन इस बार निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की नजर एक-एक मतदाता पर रही।
दिल्ली, मुंबई समेत अन्य शहरों में नौकरी करने गए वोटरों को ट्रेन या बस से मतदान में हिस्सा लेने के लिए प्रत्याशी अपने खर्चे पर बुलाए। वोटरों को सहेजने के लिए शराब बड़ा हथियार बना हुआ है। कई वर्षों में तो मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए प्रत्याशी और उनके समर्थक मुर्गा और दारू का इंतजाम भी करने में पूरी रात लगे रहे। शराब के शौकीनों को छककर पिलाया गया। उसके बाद उनकी रखवाली के लिए सर्विलांस की तरह अपने समर्थकों को लगा दिया गया। नगर पंचायत वासियों का कहना है की नगर में पूरी रात ऐसे लोग भ्रमण करते देखे गए, जिनका चेहरा पहली बार यहां दिखाई दे रहा है।
मंगलवार और बुधवार की पूरी रात वोटरों को सहेजने में प्रत्याशी अपनी ऊर्जा लगा दी। मंगलवार की रात कुछ स्थानों पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच टकराव की भी स्थित उत्पन्न हुई। कहीं पर दारू तो कहीं पर साड़ी वितरण करने की अफवाह फैलती रही। प्रत्याशियों को जिस वार्ड में अपने वोटर अधिक लगे, वहां पर खर्च भी ज्यादा किया गया। प्रत्याशी और उनके समर्थक इस बात का भी ध्यान रखते हुए झुंड में नहीं निकले, पुलिस भी सक्रिय रही। उधर वोटर भी चालाकी से ऐसा काम किए की प्रत्याशी और उनके समर्थक यह नहीं समझ पाए कि वोटर उनके पक्ष के नहीं है। बुधवार को पूरा दिन और देर रात तक यह चर्चा जोरों पर रही की फर्जी मतदान के लिए योजना बनाई जा चुकी है। मतदान के दौरान हर हाल में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन भी कमर कस कर तैयार है।