संतकबीरनगर जिले में ससुराल जाने से पहले नई-नवेली दुल्हन ने मताधिकार के फर्ज को निभाया। उसने ठाना कि पहले वोट डालेगी, फिर मायके से विदा होकर ससुराल जाएगी। ऐसा करके उसने लोकतंत्र के विश्वास को मजबूत किया।
नव सृजित नगर पंचायत धर्मसिंहवा में पहली बार निकाय चुनाव हुआ। यहां वोट डालने को लेकर लोगों में गजब का उत्साह था। नगर के गौरी राई वार्ड में बुधवार की रात में दीपा की शादी हुई। सारे रस्म पूरे हुए। बृहस्पतिवार को दीपा सुबह जब बरात विदाई के लिए दरवाजे पर खड़ी थी, तब मायके में अंतिम बार मतदान करने की इच्छा जाहिर की।
अब तक वह कई बार ग्राम पंचायत के चुनाव में मतदान कर चुकी थीं। धर्मसिंहवा को नगर पंचायत का दर्जा उनकी विदाई के पहले मिला था। संयोग ऐसा था कि मतदान के एक दिन पूर्व उनकी शादी हुई। विदाई के वक्त बिलखते हुए उन्होंने अपने मायके के लोगों के सामने अंतिम बार मतदान करने की इच्छा जाहिर की।
सभी लोगों ने ससुराल वालों से राय ली। हालांकि विदाई में विलंब हो रहा था। जब यह बात पति को पता चली तो उन्होंने खुद पहल की। वह खुद दीपा को बूथ के पास तक ले गए। बूथ पर जाने के बाद कर्मचारियों और लोगों ने दीपा को बिना लाइन में खड़ा कराए ही मतदान कराकर वहां से विदा किया।