संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर बाजार में मानक को दरकिनार कर रसोइया चयन का मामला सामने आया है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत में बीईओ पर रसोइया चयन में घूस लेने का भी आरोप लगाया गया।
क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय प्रजापतिपुर में बच्चों को दोपहर का भोजन बनाने के लिए चार रसोइयों की तैनाती की गई। लेकिन विद्यालय पर बच्चों की संख्या घटने के बाद रसोइयों की छंटनी की गई। इस प्रक्रिया में मानक को नजरअंदाज करते हुए रसोइया सोना देवी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। सोना देवी ने पोर्टल पर दर्ज शिकायत में बताया कि चार रसोइयों में पाल्य ही विद्यालय में पढ़ते है। बाकी तीन रसोइयों के पाल्य विद्यालय में नहीं पढ़ते। नियमानुसार जिनके पाल्य विद्यालय में पढ़ते हो उसी घर की महिला को रसोइया में चयन किया जाता है।
इस मामले में बीएसए ने बीईओ को जांच सौंप दी। रसोईया सोना देवी ने बताया कि इसकी शिकायत जब बीईओ से की तो उन्होंने 5 हजार रुपये घूस देने की मांग कर डाली। सोना देवी ने आर्थिक स्थित का हवाला भी दिया। लेकिन उसके बाद भी मुझे रसोइया से बाहर कर दिया गया। रसोइया ने आरोप लगाया है कि घूस न देने के कारण उसका चयन नहीं किया गया।
इस संबंध में बीईओ हैंसर महेंद्र प्रसाद ने बताया कि रसोइया चयन प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान की सहमति से होता है। चयन में मेरी कोई भूमिका नहीं होती। रुपये की मांग का आरोप बेबुनियाद है।