बीते सितंबर माह में डीएम ने भेजा था प्रस्ताव, देवरिया में विकास प्राधिकरण बने तो रुकेगा अनियोजित विकास
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर में अब तक विकास प्राधिकरण का गठन नहीं हो पाया है। इस वजह से शहर का सुनियोजित तरीके से विकास का सपना अधूरा है। हालांकि, इसके लिए चार महीने पहले डीएम ने प्रस्ताव भेजा है। इसमें उन्होंने मजबूती से इस बात को रखा है कि शहर विकास प्राधिकरण के सभी मानकों को पूरा कर रहा है। यदि विकास प्राधिकरण बन जाए तो शहर में अनियोजित विकास पर रोक लग सकेगी। नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी, लेकिन अब तक इस बारे में शासन से कोई दिशानिर्देश नहीं आया है।
वर्ष 2019 में तत्कालीन डीएम अमित किशोर ने प्रस्ताव शासन को भेजा था। उस समय जिले की जनसंख्या 1.80 लाख थी। भारांक 57 था, जबकि दरकार 60 की थी, लेकिन यह जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर थी। बाद के वर्षों में 23 गांवाें को शामिल करने और वर्ष 2023 की जनगणना के आधार पर आबादी अब 2.50 लाख के करीब हो चुकी है। भारांक भी बढ़कर 62 के करीब पहुंच गया है।
ऐसे में देवरिया शहर विकास प्राधिकरण के सारे मानकों को पूरा करता है। डीएम व नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र देवरिया के अध्यक्ष ने भी 26 सितंबर को संभागीय नियोजक खंड नगर और ग्राम नियोजन विभाग गोरखपुर के सहयुक्त नियोजक को विकास प्राधिकरण के गठन के लिए प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने बताया था कि मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि एवं नगर के सर्वांगीण विकास के लिए विकास प्राधिकरण घोषित किया जाना नितांत आवश्यक है।
विकास प्राधिकरण के लिए जिला प्रशासन ने बताई है ये वजहें
विनियमित क्षेत्र सीमा के अंतर्गत स्थित राजस्व ग्राम बैतालपुर नगर पंचायत घोषित हो चुका है। नगर पालिका देवरिया की सीमा का विस्तार हुआ है। इसमें विनियमित क्षेत्र के राजस्व ग्राम शामिल किए जा चुके हैं। वर्तमान में देवरिया गोरखपुर मार्ग पर स्थित देवरिया नगर पालिका क्षेत्र, नगर पंचायत बैतालपुर व गौरीबाजार के बीच तेजी से नगरीय विकास हो रहा है।
इसी प्रकार देवरिया-कसया रोड पर विनियमित क्षेत्र की सीमा के आगे लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर नगर पंचायत रामपुर कारखाना और देवरिया विनियमित क्षेत्र के आगे विजयीपुर रोड पर लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर नगर पंचायत बरियारपुर स्थित है। इस संपूर्ण क्षेत्र में अनियोजित विकास हो रहा है। देवरिया नगर के चारो ओर हो रहे नगरीय विकास को दृष्टिगत रखते हुए विकास प्राधिकरण घोषित किया जाना नितांत आवश्यक हो गया है।
विकास प्राधिकरण बने तो शहरवासियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
जिला प्रशासन के मुताबिक, विकास प्राधिकरण बनने से आवासीय व्यवस्था में सुधार होगा। सड़कों का चौड़ीकरण और नया निर्माण भी होगा। अपार्टमेंट सिस्टम काॅलोनियों का विकास होगा। प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। ड्रेनेज सिस्टम और मकान मानक के अनुरूप सुनियोजित तरीके से बनाए जाएंगे। इससे रास्ता, नाला आदि का विवाद नहीं होगा। लोगों को मानचित्र भी प्राधिकरण से पास करना होगा। भूमि बैनामा की रजिस्ट्री का एक प्रतिशत प्राधिकरण को जाएगा।
डीएम बोले
देवरिया शहर विकास प्राधिकरण के सारे मानकों को पूरा कर रहा है। इसका भारांक भी बढ़ गया है। विकास प्राधिकरण बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित है।
-अखंड प्रताप सिंह, डीएम