संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के चर्चित सुशील आत्महत्या मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पहले हत्या के मामले केस पंजीकृत किया गया था, अब उसे बदलकर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।
दो लोगों से सूद के रुपये लेने की बात सामने आई है। एक सूदखोर से एक लाख 20 हजार रुपये ब्याज पर लेने की बात सामने आई है। सूदखोर सुशील से एक लाख 52 हजार रुपये वसूलने के लिए दबाव बना रहे थे। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को चिह्नित कर चुकी है। बार-बार मैसेज और फोन काॅल का तनाव सुशील नहीं झेल पाया और आत्मघाती कदम उठा लिया ।
मिठना सिठना गांव निवासी (28) वर्षीय सुशील दो अक्तूबर की शाम को लापता हो गया। अगले दिन यानि तीन अक्तूबर को उसका शव गौरापार गांव के पास स्थित बाग में आम के पेड़ से लटका मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
सुशील के पास से बरामद मोबाइल में पुुलिस को धमकी भरा मैसेज और कई फोन काॅल मिले। पुलिस ने मामले में सुशील के पिता गिरजेश की तहरीर पर हत्या का केस दर्जकर विवेचना शुरू की। वहीं परिजन सूदखारों के चक्कर में पड़कर घटना की शिकायत करते हुए पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है।
पुलिस ने धनघटा क्षेत्र निवासी दो लोगों को चिह्नित किया है। जिनमें से एक का पता मुखलिसपुर भी बताया जा रहा है। एक से लिए गए रुपये के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं दूसरे से एक लाख 20 हजार रुपये ब्याज पर लिए जाने की पुष्टि हुई।
इस मामले में सुशील से एक लाख 52 हजार रुपये वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिससे सुशील ने आत्मघाती कदम उठा रहा।